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चीन से संचालित हो रही नक्सलियों की वेबसाईट

भारत में नक्सल समर्थकों की एक अत्यंत सक्रिय वेबसाईट का पता चला है

चीन से संचालित हो रही नक्सलियों की वेबसाईट
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जगदलपुर। भारत में नक्सल समर्थकों की एक अत्यंत सक्रिय वेबसाईट का पता चला है। इस वेबसाईट में नक्सली प्रचार सामग्री के साथ साथ कई बड़ी नक्सली घटनाओं का जिक्र है।

अप्रेल 2017 में छग के बस्तर में 25 सीआरपीएफ के जवानों की हत्या का जिक्र भी इस वेबसाईट में मौजूद है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नक्सली प्रचार वाले वेबसाईट की मेजबानी करने वाला सर्वर चीन में स्थित है। चीन की पहचान छुुपाने के लिये वेबसाईट के संचालकों ने सर्वर ऑपरेटरों के साथ मिलकर इसे प्रक्षेपित करने की कोशिश की है जिसकी वजह से प्रथम दृष्टया यह आभास होता है कि यह वेबसाईट कनाडा से होस्ट किया जा रहा है। इस घटना को अंजाम देने के लिये प्रॉक्सी सर्वर का उपयोग किया गया है।

वेबसाईट का संचालन करने वालों ने वेबसाईट के मुख्य पृष्ठ पर लिखा है कि यह वेबसाईट इंडिया बेस्ड नहीं है, ना ही इसे भारत से अपडेट किया जा रहा है और ना ही इसका संबंध नक्सलियों से है। सुरक्षा ऐजेंसियों के सूत्रों के अनुसार नक्सली अपने आंदोलन में अधिक से अधिक लोगों को वैश्विक स्तर पर जोड़ने के लिये ऐसी वेबसाईट्स का उपयोग कर रहे हैं। कथित फर्जी मुठभेड़, जवानों द्वारा की जा रही कथित ज्यादती को समाज के सामने लाने का जिक्र पत्रकारों, आम नागरिकों, विपक्षी राजनैतिक दलों और वामपंथी पार्टियों से करते हुए उनसे बस्तर की यात्रा करने का निवेदन किया गया है।

जब भी नक्सली कोई बड़ी वारदात करते हैं तो अपनी नृशंसता को न्याय संगत बताने के लिए इस वेबसाईट का इस्तेमाल करते हैं। पहले ऐसी कई वेबसाईटस को बंद किया जा चुका है। अब चीन से संचालित हो रही इस वेबसाईट के नजर में आने के बाद नये सिरे से इसकी जांच पड़ताल की जा रही है।

जानकारों का कहना है कि नक्सली आन्दोलन अपने आखरी चरण में है, यह बात नक्सली भी समझ चुके हंै। ना नयें रंगरूटों की भर्ती हो पा रही है ना ही गोला बारूद और ना ही पैसा उन्हें मिल पा रहा है। नक्सलवाद से अब लोगों को नफरत होने लगी है। अपने खत्म होते जनाधार को सम्हाले रखने और खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए नक्सली अब सोशल मीडिया और इस तरह की वेबसाईट का सहारा ले रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों में पदस्थ साईबर क्राईम के जानकार अधिकारियों का कहना है कि हम भारत में उन व्यक्तियों की पहचान करने में सक्षम है जो छग में सक्रिय नक्सली नेताओं की तस्वीरें और बयानों से इस वेबसाईट को अपडेट कर रहे हैं।


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