दिल्ली में वन्यजीव संरक्षण को मजबूती, 9 वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर होंगे तैनात
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने फॉरेस्ट्स एंट वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट में वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर (डायरेक्ट रिक्रूटमेंट) के नौ पद सृजन को मंजूरी दी है। ये पद 7वें सेंट्रल पे कमीशन के तहत पे मैट्रिक्स के लेवल-6 (35,400–1,12,400 रुपए) में रखे गए हैं और इन्हें नोटिफाई कर दिया गया है

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने फॉरेस्ट्स एंट वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट में वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर (डायरेक्ट रिक्रूटमेंट) के नौ पद सृजन को मंजूरी दी है। ये पद 7वें सेंट्रल पे कमीशन के तहत पे मैट्रिक्स के लेवल-6 (35,400–1,12,400 रुपए) में रखे गए हैं और इन्हें नोटिफाई कर दिया गया है।
यह पहल शहरी पर्यावरण चुनौतियों के बीच वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन और बायोडायवर्सिटी प्रोटेक्शन के लिए सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर के लिए रिक्रूटमेंट रूल्स को उपराज्यपाल, दिल्ली की मंजूरी से संशोधित कर गजट में नोटिफाई किया गया है।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “सरकार पर्यावरणीय संरक्षण को मजबूत करने के लिए जरूरी सुधार कर रही है। दिल्ली के अलग-अलग फील्ड डिविज़न में वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर की तैनाती एक महत्वपूर्ण कदम है, इससे हमारी टीमें वाइल्डलाइफ की सुरक्षा, पोचिंग रोकने और ह्यूमन-वाइल्डलाइफ कॉन्फ्लिक्ट को समय रहते संभाल सकेंगी।”
पहले डिपार्टमेंट में सिर्फ एक वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर का पद हेडक्वार्टर में था, जबकि चारों फील्ड डिविज़न में कोई भी समर्पित स्टाफ नहीं था। इससे ग्राउंड लेवल पर एनफोर्समेंट, गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक, ह्यूमन-वाइल्डलाइफ कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट और बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट प्रभावित हो रहे थे।
इन नौ पदों में से आठ पदों पर भर्ती दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड (डीएसएसएसबी) के माध्यम से डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के जरिए की जाएगी।
मंत्री ने कहा, “यह फैसला ग्राउंड पर संरक्षण को मजबूत करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि शहरीकरण के बीच भी दिल्ली की बायोडायवर्सिटी सुरक्षित और समृद्ध रहे। हैबिटैट प्रोटेक्शन से लेकर कानून लागू करने तक, ये इंस्पेक्टर वास्तविक बदलाव लाएंगे।”
इन वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर की नियुक्ति से डिपार्टमेंट की क्षमता में बड़ा सुधार होगा, जिससे वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन, गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम, ह्यूमन-वाइल्डलाइफ कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट और बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट को पूरे शहर में मजबूती मिलेगी। यह कदम सस्टेनेबल अर्बन इकोसिस्टम के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


