Top
Begin typing your search above and press return to search.

दक्षिण कोरिया में गर्मी ने तोड़ा 100 साल का रिकॉर्ड

दक्षिण कोरिया इस समय भीषण गर्मी का सामना कर रहा है. रविवार को यहां एक सदी से भी ज्यादा पुराना रिकॉर्ड टूट गया और तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है

दक्षिण कोरिया में गर्मी ने तोड़ा 100 साल का रिकॉर्ड
X

दक्षिण कोरिया इस समय भीषण गर्मी का सामना कर रहा है. रविवार को यहां एक सदी से भी ज्यादा पुराना रिकॉर्ड टूट गया और तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है.

दक्षिण कोरिया में रविवार का दिन अब तक का सबसे गर्म दिन साबित हुआ. सरकारी मौसम एजेंसी के मुताबिक, यहां गर्मी ने एक सदी (100 साल) से भी ज्यादा पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

कोरिया मौसम विज्ञान प्रशासन (केएमए) ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी है कि देश के दक्षिण-पूर्वी शहर यांगसान में रविवार दोपहर तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

यांगसान बना भीषण गर्मी का केंद्र

यांगसान शहर मौजूदा हीटवेव का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. रविवार को लगातार पांचवां दिन था, जब यहां का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया. वहीं, दाएगू और बुसान जैसे कई अन्य शहरों में भी पारा 40 के आसपास पर बना हुआ है.

देश के बड़े हिस्से में गर्मी की चेतावनी जारी की गई है, क्योंकि कई शहरों में पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है.

बढ़ती गर्मी से बेहतर तरीके से निपटने के लिए दक्षिण कोरिया ने इसी साल एक नई चेतावनी कैटेगरी शुरू की है, जिसे 'इमरजेंसी हीटवेव अलर्ट' कहा जा रहा है. रविवार को देश के 20 से ज्यादा इलाकों में यही इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया था.

यह अलर्ट तब जारी किया जाता है जब किसी इलाके में एक दिन के लिए महसूस होने वाला तापमान 38 डिग्री सेल्सियस या वास्तविक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान हो.

मौसम एजेंसी ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे तुरंत बाहर की सभी गतिविधियां रोक दें. मौसम विभाग ने यहां तक कहा कि बिना एसी वाली इनडोर जगहें भी खतरनाक हैं.

दोगुने हो गए 'हीटवेव' वाले दिन

केएमए के आंकड़े बताते हैं कि देश में गर्मी के दिनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. 1970 के दशक में साल भर में औसतन आठ दिन लू वाले होते थे, लेकिन पिछले पांच सालों में यह संख्या दोगुनी से भी ज्यादा बढ़कर 19 हो गई है.

दक्षिण कोरिया में 'हीटवेव डे' उस दिन को माना जाता है जब अधिकतम तापमान कम से कम 33 डिग्री सेल्सियस हो और ट्रॉपिकल नाइट तब होती है जब रात का न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर ही रहता है.

वहीं, चांगवोन शहर में रविवार को तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके कारण दक्षिण कोरिया की पेशेवर बेसबॉल लीग का एक मैच रद्द करना पड़ा. चांगवोन में लगातार यह दूसरा मैच है जिसे गर्मी की वजह से रद्द किया गया है.

कोरिया बेसबॉल ऑर्गनाइजेशन ने अपने बयान में कहा, "यह फैसला दर्शकों और खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सबसे ऊपर रखते हुए लिया गया है, क्योंकि चांगवोन इलाके में भीषण हीटवेव की चेतावनी अभी भी लागू है."

क्यों हो रहा है ऐसा?

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इंसानों की वजह से हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण हीटवेव जैसी घटनाएं अब ज्यादा बार और भयंकर रूप से सामने आ रही हैं. इसके अलावा इस साल 'अल नीनो' की वापसी ने भी मौसम को बिगाड़ा है. अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर की सतह के तापमान को गर्म करती है और आमतौर पर हर दो से सात साल में घटित होती है.

सिर्फ दक्षिण कोरिया ही नहीं, यूरोप भी इस साल भीषण गर्मी का सामना कर रहा है. लंबे समय तक चल रही हीटवेव ने दक्षिणी यूरोप के कुछ हिस्सों में तापमान को 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा दिया है.

यूरोपीय अधिकारियों ने स्वास्थ्य चेतावनियां जारी की हैं, जंगल की आग ने स्थिति को और खराब किया है. यूरोप में भी लोगों से दोपहर के वक्त बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है. पिछले हफ्ते की शुरुआत में पश्चिमी यूरोप में कहर बरपाने के बाद, यह हीटवेव मध्य यूरोप को झुलसाते हुए इटली पहुंच गई. इतालवी अधिकारियों ने कहा है कि सोमवार से देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में सबसे ऊंचे स्तर का हीट अलर्ट लागू रहेगा.


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it