एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन राष्ट्र के सम्मान को आघात पहुंचाने वाला: पूर्व जज एसएन ढींगरा
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मडंपम में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन ने देश में सियासी संग्राम की स्थिति पैदा कर दी है।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मडंपम में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन ने देश में सियासी संग्राम की स्थिति पैदा कर दी है। भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन की आलोचना की है। इस बीच पूर्व जजों और अधिकारियों समेत 277 हस्तियों ने चिट्ठी लिखकर यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की निंदा की। यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में पत्र लिखने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज एसएन ढींगरा ने इसको राष्ट्र के सम्मान को आघात पहुंचाने वाला बताया है।
दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज एसएन ढींगरा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि एआई इंपैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन कानूनी दृष्टि से भी गलत था और उसका समय और स्थान भी गलत था। हालांकि, लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन जो समिट के दौरान किया गया वो राष्ट्रीय अस्मिता और राष्ट्रीय सम्मान को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन इस तरह के प्रदर्शन राष्ट्रीय अस्मिता और राष्ट्रीय सम्मान को प्रभावित करते हैं। विरोध करने की भी सीमाएं हैं, आप राष्ट्र के सम्मान को आघात नहीं पहुंचा सकते, वो भी जब समिट के अंदर 20 देशों के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति थे और कई कंपनियों के सीईओ थे, डिप्लोमेट थे।
उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं था। यह एक व्यापारिक मंच था। यह समिट एआई के भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा, उसके बारे में था।
पूर्व जज ने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र की मर्यादा के विपरीत है। लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय हित, ये दोनों परस्पर विरोधी नहीं हैं। अगर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को राष्ट्र का विरोध बनाते हो तो वो गलत है। लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति सबका अधिकार है। नीतियों का विरोध करना भी अधिकार है, लेकिन राष्ट्रहित को दांव पर लगाना किसी का भी अधिकार नहीं है, लेकिन यह कृत्य राष्ट्रहित और राष्ट्रीय छवि को दांव पर लगाने वाला था। इसलिए हमने पत्र लिखा है। इस मामले में एफआईआर लिखी गई है। पुलिस अपना काम करती है, न्यायाधीश अपना काम करते हैं।
बता दें कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के विरोध में 'राष्ट्रीय कलंक' शीर्षक से एक पत्र जारी किया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसएन ढींगरा और पूर्व डीजीपी बीएल वोहरा ने इस पत्र के जरिए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन की निंदा की। उन्होंने इसे राष्ट्रीय गरिमा का विश्वासघात बताया।


