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Weather Update: पहाड़ों पर बर्फ की मोटी चादर, मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड; दिल्ली को प्रदूषण से राहत
उत्तराखंड के बदरीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का सिलसिला जारी है। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे अब भी कई स्थानों पर बंद है। हनुमानचट्टी से माणा तक सड़क अवरुद्ध है, जबकि नीति हाईवे मलारी से आगे बंद पड़ा है।

नई दिल्ली/देहरादून/श्रीनगर। उत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्रों में रविवार को हुई ताजा बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर कड़ाके की ठंड और जनजीवन की रफ्तार पर असर साफ दिखाई देने लगा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है, जबकि मैदानी इलाकों में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। दूसरी ओर, दिल्ली ने लगातार दूसरे दिन सर्द हवाओं की वजह से प्रदूषण से राहत की सांस ली।
हिमालयी राज्यों में बर्फबारी
उत्तराखंड के बदरीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का सिलसिला जारी है। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे अब भी कई स्थानों पर बंद है। हनुमानचट्टी से माणा तक सड़क अवरुद्ध है, जबकि नीति हाईवे मलारी से आगे बंद पड़ा है। चोपता, नीति और बदरीनाथ मार्गों पर यातायात न होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोपेश्वर–चोपता–ऊखीमठ मार्ग बंद होने से धार्मिक और पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। बर्फबारी के चलते नीति क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप है और प्रदेश के 100 से अधिक गांव अब भी बर्फ से ढके हुए हैं। हालांकि, कुमाऊं मंडल में थल–मुनस्यारी मोटर मार्ग को तीसरे दिन खोल दिया गया है। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद मुनस्यारी में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है।
‘चिल्ला-ए-कलां’ के बीच तापमान शून्य से नीचे
जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर बर्फबारी जारी रही, हालांकि रविवार को मौसम में मामूली सुधार दर्ज किया गया। इसके चलते दो दिन बाद श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात आंशिक रूप से बहाल किया जा सका। फिसलन भरे रास्तों से फंसे वाहनों को निकालने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। घाटी इस समय 40 दिनों की भीषण सर्दी के दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ की चपेट में है। रविवार रात घाटी भर में तापमान हिमांक बिंदु से काफी नीचे चला गया। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान -10.2 डिग्री सेल्सियस और श्रीनगर में -1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और गरज के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है।
हिमाचल प्रदेश: 835 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद भीषण ठंड का प्रकोप जारी है। लाहौल-स्पीति जिले के तबो गांव में न्यूनतम तापमान -10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। शिमला, मनाली और आसपास के पर्यटन स्थलों पर जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे सैलानियों को घंटों फंसे रहना पड़ रहा है।
राज्य में रविवार को तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 835 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। इसके अलावा, प्रदेश भर में करीब 1,942 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी ठंड का असर
मैदानी राज्यों में भी सर्दी का असर बना हुआ है। राजस्थान में रविवार को बर्फीली उत्तरी हवाएं चलीं। नागौर में राज्य का सबसे कम तापमान -1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जयपुर में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 26 और 27 जनवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में भी ठंड का प्रकोप जारी है। पंजाब के फिरोजपुर में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा के नारनौल में यह 2.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
बर्फीली घटनाओं के बीच राहत कार्य भी जारी
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार को एक इमारत की छत से जमी भारी बर्फ अचानक खिसक गई, जिसमें नीचे खड़ा एक व्यक्ति दब गया। मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसी तरह, बड़गाम जिले के दूरदराज इलाके में कई फीट बर्फ के बीच गर्भवती महिला समेत दो महिलाओं को समय रहते पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। इन घटनाओं ने आपदा के समय त्वरित राहत और स्थानीय प्रशासन की भूमिका को एक बार फिर रेखांकित किया।
दिल्ली को ठंड के साथ प्रदूषण से राहत
उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में ठंड जहां मुश्किलें बढ़ा रही है, वहीं दिल्ली के लिए सर्द हवाएं राहत लेकर आई हैं। तेज हवा चलने के कारण रविवार को राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार दर्ज किया गया। लगातार दूसरे दिन दिल्ली का AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा, जबकि दो स्थानों पर यह ‘संतोषजनक’ स्तर तक पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, रविवार को दिल्ली का औसत AQI 153 दर्ज किया गया। शनिवार को यह 192 था, यानी 24 घंटे में प्रदूषण स्तर में 39 अंकों की गिरावट आई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेज हवाओं का यही रुख बना रहा तो आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर को प्रदूषण से कुछ राहत मिल सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता
उत्तर भारत में सर्दी अपने चरम पर है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी ने जहां प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ाया है, वहीं जनजीवन और यातायात को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड के साथ-साथ मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों को सतर्क रहने का संकेत दिया है। प्रशासन की नजर आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता पर बनी हुई है, क्योंकि इससे एक बार फिर मौसम की चुनौती बढ़ सकती है।
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