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वी.एस अच्युतानंदन और धर्मेन्द्र को पद्म विभूषण, ममूटी-अलका याग्निक को पद्म भूषण, रोहित व हरमनप्रीत को पद्मश्री,131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार का ऐलान
इस वर्ष की सूची में कला, राजनीति, खेल, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, पत्रकारिता और समाजसेवा जैसे विविध क्षेत्रों में योगदान देने वाली कुल 131 हस्तियों को पद्म सम्मानों से नवाजा गया है। इनमें पांच को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्म श्री प्रदान किया गया है।

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष की सूची में कला, राजनीति, खेल, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, पत्रकारिता और समाजसेवा जैसे विविध क्षेत्रों में योगदान देने वाली कुल 131 हस्तियों को पद्म सम्मानों से नवाजा गया है। इनमें पांच को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्म श्री प्रदान किया गया है। पुरस्कारों की इस सूची में राजनीतिक और वैचारिक विविधता के साथ-साथ गुमनाम नायकों और महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली है।
सबसे खास बात यह रही कि प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र और माकपा के वरिष्ठ नेता व केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। दोनों का हाल ही में निधन हुआ था। इनके अलावा कई राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक हस्तियों को भी पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिससे यह संदेश गया है कि यह सम्मान सभी मतभेदों से ऊपर उठकर दिया गया है।
पद्म विभूषण: केरल की प्रमुख मौजूदगी
इस वर्ष पद्म विभूषण पाने वाली पांच हस्तियों में से तीन केरल से हैं, जो अपने आप में उल्लेखनीय है। धर्मेंद्र और वी. एस. अच्युतानंदन के अलावा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. टी. थामस और केरल के ही पी. नारायणन को भी पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। पूर्व न्यायाधीश के. टी. थामस को सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है। वहीं, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले पी. नारायणन को भी पद्म विभूषण मिला है। पी. नारायणन मलयालम भाषा के प्रख्यात पत्रकार हैं और अब तक 40 से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं। कला के क्षेत्र में योगदान के लिए उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध वायलिन वादक एन. राजम को भी पद्म विभूषण से नवाजा गया है। उनकी शास्त्रीय संगीत साधना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संगीत को पहचान दिलाने में भूमिका को देखते हुए यह सम्मान दिया गया है।
दिग्गजों को पद्म भूषण
पद्म भूषण पाने वालों की सूची में भी राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई चर्चित हस्तियां शामिल हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, भाजपा के वरिष्ठ नेता, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी तथा भाजपा नेता वी. के. मल्होत्रा को पद्म भूषण दिया गया है। इसके अलावा मलयालम फिल्मों के दिग्गज अभिनेता ममूटी को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। दशकों लंबे अपने फिल्मी करियर में उन्होंने सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। प्रसिद्ध गायिका अलका याज्ञनिक को भी संगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए यह सम्मान मिला है।
विज्ञापन जगत के जाने-माने नाम पीयूष पांडेय को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। कई प्रतिष्ठित ब्रांड को लोकप्रिय बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है। हाल ही में उनके निधन के बाद यह सम्मान उनके योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता का प्रतीक माना जा रहा है।
उद्योग जगत से उदय कोटक, चिकित्सा क्षेत्र से के. रामास्वामी पलानीस्वामी और एन. दत्तात्रयुडु, सामाजिक कार्य के लिए एस. के. एम. मेलियानंधन और कला के क्षेत्र से एस. आर. गणेश को भी पद्म भूषण प्रदान किया गया है। अमेरिका में रहने वाले पूर्व टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज का नाम भी इस सूची में शामिल है।
गुमनाम नायकों और चर्चित चेहरों को समान सम्मान
पद्म श्री पुरस्कार पाने वालों की सूची सबसे लंबी है, जिसमें कुल 113 हस्तियां शामिल हैं। इनमें 45 ऐसे गुमनाम नायक भी हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया, लेकिन व्यापक पहचान नहीं मिली थी। अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा क्रिकेटर रोहित शर्मा, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और हॉकी खिलाड़ी सविता पुनिया को भी पद्म श्री प्रदान किया गया है। खेल के क्षेत्र में इन खिलाड़ियों के योगदान को देखते हुए यह सम्मान खास माना जा रहा है।
शिक्षा और मीडिया के क्षेत्र से जेएनयू के पूर्व कुलपति एम. जगदीश कुमार और प्रसार भारती के पूर्व सीईओ शशि शेखर वेम्पति को भी पद्म श्री मिला है। फिल्म जगत से अभिनेता आर. माधवन और बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी भी इस सम्मान से नवाजे गए हैं। इसके अलावा भारत की पहली एसिड अटैक पीड़िता और प्रख्यात संगीतकार प्रो. मंगला कपूर को भी पद्म श्री दिया गया है, जो सामाजिक संघर्ष और सृजनात्मकता का प्रेरक उदाहरण मानी जाती हैं।
महिलाओं और मरणोपरांत सम्मानों की अहम भागीदारी
इस वर्ष पद्म पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। वहीं, 16 हस्तियों को मरणोपरांत सम्मान दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार उनके योगदान को दीर्घकालिक दृष्टि से मान्यता दे रही है। सूची में विदेशी, एनआरआई, पीआईओ और ओसीआई श्रेणी से छह हस्तियां भी शामिल हैं, जो भारत से बाहर रहकर भी देश के हित में कार्य कर रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा,
“राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई। विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उत्कृष्टता, समर्पण और सेवा हमारे समाज को समृद्ध बनाती है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ये सम्मान उस प्रतिबद्धता और श्रेष्ठता की भावना को दर्शाते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
राजनीतिक संतुलन और राष्ट्रीय संदेश
इस वर्ष की पद्म पुरस्कार सूची से यह संदेश भी साफ है कि सरकार ने पुरस्कारों को राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों से दूर रखने की कोशिश की है। अलग-अलग दलों से जुड़े नेताओं, कलाकारों, खिलाड़ियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को समान रूप से सम्मानित किया गया है। विशेष रूप से केरल से तीन हस्तियों को पद्म विभूषण मिलना भी चर्चा का विषय रहा है, क्योंकि वहां कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। हालांकि सरकार की ओर से इसे पूरी तरह योगदान आधारित चयन बताया गया है।
काम से देश को समृद्ध किया
इस वर्ष के पद्म पुरस्कारों की सूची भारत की विविधता, समावेशिता और प्रतिभा का व्यापक चित्र पेश करती है। चाहे वह सिनेमा और संगीत हो, राजनीति और समाजसेवा हो या खेल और शिक्षा इन सम्मानों के जरिए उन लोगों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दी गई है, जिन्होंने अपने काम से देश को समृद्ध किया है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित ये पुरस्कार न केवल सम्मान का प्रतीक हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं कि समर्पण और सेवा से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।
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