दुबई से भारत लाया गया ड्रग्स सिंडिकेट का आरोपी वीरेंद्र बसोया, अमित शाह ने बताई बड़ी कार्रवाई
NCB के मुताबिक वीरेंद्र बसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद उसे दुबई में गिरफ्तार किया गया और भारत सरकार की पहल पर उसे भारत वापस भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार, बसोया को एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या 4310 के जरिए भारत लाया गया।

नई दिल्ली: ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क से जुड़े आरोपी वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कार्रवाई के बाद उसे दुबई से डिपोर्ट किया गया। भारत पहुंचने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस कार्रवाई को मोदी सरकार की ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की दिशा में अहम उपलब्धि बताया। अमित शाह ने कहा कि सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए एजेंसियां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी चाहे दुनिया के किसी भी हिस्से में छिप जाएं, भारतीय कानून की पहुंच से बचना उनके लिए आसान नहीं होगा।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद दुबई में गिरफ्तारी
NCB के मुताबिक वीरेंद्र बसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद उसे दुबई में गिरफ्तार किया गया और भारत सरकार की पहल पर उसे भारत वापस भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार, बसोया को एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या 4310 के जरिए भारत लाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, बसोया पुणे के करीब 6000 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में आरोपी है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस से जुड़े एक बड़े ड्रग्स मामले में भी उसका नाम सामने आया है। एजेंसियों के मुताबिक वह इस नेटवर्क के एक प्रमुख आरोपी संदीप धुनिय के करीबियों में शामिल बताया जाता है।
970 किलो मेफेड्रोन बरामदगी से खुला नेटवर्क
NCB के दस्तावेजों के अनुसार, जांच में वीरेंद्र सिंह बसोया के संबंध एक बड़े अवैध ड्रग्स नेटवर्क से सामने आए हैं। आरोप है कि वह मेफेड्रोन की बड़ी खेप को लंदन भेजने की साजिश में शामिल था। इस मामले में पुणे पुलिस ने 21 फरवरी 2024 को दिल्ली में कार्रवाई की थी। जांच के दौरान दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बसोया को गिरफ्तार किया गया था। दोनों के कब्जे से करीब 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद होने का दावा किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक इतनी बड़ी मात्रा में बरामद ड्रग्स को विदेश भेजने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए लॉजिस्टिक्स और कंसाइनमेंट नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाना था।
लंदन भेजी जानी थी ड्रग्स की खेप
जांच के मुताबिक बरामद मेफेड्रोन की खेप को लंदन भेजने की तैयारी थी। इसके लिए डेल्टा लॉजिस्टिक्स के माध्यम से कंसाइनमेंट भेजने की योजना बनाई गई थी। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बसोया, वीरेंद्र सिंह बसोया के निर्देश पर काम कर रहे थे। इस मामले में डेल्टा लॉजिस्टिक्स के मालिक संदीप हनुमानसिंह यादव और कंपनी के मैनेजर देवेंद्र रामफुल यादव को भी 21 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था। एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क में ड्रग्स की सप्लाई से लेकर उसकी पैकिंग, लॉजिस्टिक्स और विदेश भेजने तक की व्यवस्था शामिल थी।
विदेश में छिपे आरोपियों पर एजेंसियों की नजर
वीरेंद्र बसोया की भारत वापसी को ड्रग्स के खिलाफ चल रही कार्रवाई में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एजेंसियां लंबे समय से विदेशों में मौजूद आरोपियों का पता लगाने और उन्हें भारत लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। जांच से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक वीरेंद्र बसोया के बेटे ऋषभ के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी है और उसके विदेश में होने की बात सामने आई है। ऐसे में एजेंसियों की नजर अब नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और आरोपियों पर भी बनी हुई है।


