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महिला आरक्षण लागू होने से राजनीति में बड़ा परिवर्तन होगा : एचडी कुमारस्वामी

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी नेकहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण का पूरी तरह से लागू होना राजनीतिक परिदृश्य को काफी हद तक बदल देगा

महिला आरक्षण लागू होने से राजनीति में बड़ा परिवर्तन होगा : एचडी कुमारस्वामी
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बेंगलुरु। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार को कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण का पूरी तरह से लागू होना राजनीतिक परिदृश्य को काफी हद तक बदल देगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।

बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि परिसीमन के बाद राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 42 होने की उम्मीद है, जिनमें से 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। उनकी पार्टी राजनीति में महिला कार्यकर्ताओं की अधिक भागीदारी को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करेगी।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की इस आलोचना का जवाब देते हुए कि भाजपा नेता आदतन झूठे हैं, पर कुमारस्वामी ने पलटवार किया और मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे खुद आत्ममंथन करें कि असल में झूठे दावे कौन कर रहा है।

उन्होंने सिद्धारमैया पर अपने कार्यकाल के दौरान शुरू की गई परियोजनाओं का श्रेय लेने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में सागरकट्टे गांव तक जाने वाले एक पुल का उदाहरण देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि इस परियोजना को उनकी सरकार के समय ही मंजूरी मिल गई थी। इसके लिए धनराशि भी स्वीकृत कर दी गई थी, लेकिन अब इसे मौजूदा प्रशासन की उपलब्धि के तौर पर पेश किया जा रहा है।

गारंटी योजनाओं पर सरकार के जोर की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन 2 हजार रुपए वाली योजनाओं का महिमामंडन कर रहा है, जबकि उसका दावा है कि लोग आराम से रह रहे हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि विधान सौध के वातानुकूलित कमरों से की गई नीतिगत घोषणाएं लोगों के सामने आने वाली वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं कर पाएंगी। साथ ही, इस बात पर जोर दिया कि नेताओं को जमीनी हकीकत समझने के लिए गांवों का दौरा अवश्य करना चाहिए।

कुमारस्वामी ने आगे कहा कि बीआर अंबेडकर की प्रतिमा पर केवल माला चढ़ाना ही काफी नहीं है। नेताओं को उन समुदायों के सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना चाहिए जिनके लिए अंबेडकर ने संघर्ष किया था। उन्होंने ऐसे प्रयासों को संविधान के निर्माता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

कुमारस्वामी ने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस के भीतर चल रहे आपसी कलह के कारण राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था बिगड़ गई है। दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के बाद के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की आपसी लड़ाई ने शासन-प्रशासन पर बुरा असर डाला है। यह कहते हुए कि वह किसी अन्य दल के आंतरिक मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि चल रही इस खींचतान ने राज्य के प्रशासन को पटरी से उतार दिया है।

कुमारस्वामी ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि वह कुछ समुदायों को खुश करने और उन्हीं समुदायों के नेताओं को निशाना बनाने का दोहरा रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। किसी भी समुदाय को दूसरे समुदाय की कीमत पर खुश नहीं किया जाना चाहिए, और राजनीतिक दल किसी एक समूह से हमेशा के लिए समर्थन की उम्मीद नहीं कर सकते। उन्होंने आगे कहा कि लोग इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

उन्होंने पिछले तीन वर्षों से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच चल रहे लगातार टकराव की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि इसके कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप शासन-प्रशासन को नुकसान पहुंचा है।


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