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नमाज पर कार्रवाई असंवैधानिक, मुसलमान होना जुर्म नहीं : वारिस पठान

उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित एक खाली घर में नमाज पढ़ने पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर उठे विवाद पर एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है

नमाज पर कार्रवाई असंवैधानिक, मुसलमान होना जुर्म नहीं : वारिस पठान
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खाली घर में नमाज पढ़ने पर विवाद, वारिस पठान का तीखा सवाल

  • संविधान ने दी धार्मिक स्वतंत्रता, यूपी पुलिस पर वारिस पठान का हमला
  • नमाज पर गिरफ्तारी से गरमाई राजनीति, वारिस पठान का पलटवार
  • नफरत की राजनीति ही असली खतरा: वारिस पठान

मुंबई। उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित एक खाली घर में नमाज पढ़ने पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर उठे विवाद पर एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने सवाल किया कि क्‍या इस देश में अब मुसलमान होना जुर्म है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें करीब 12 लोग एक घर के अंदर बिना किसी को कोई परेशानी पहुंचाए जुमा की नमाज अदा कर रहे थे। इसके बावजूद पुलिस ने उन लोगों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई। वारिस पठान ने सवाल उठाया कि आखिर किस कानून के प्रावधान के तहत इन लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि क्या अब इस देश में मुसलमान होना ही जुर्म हो गया है।

वारिस पठान ने आरोप लगाया कि जब सड़क पर नमाज पढ़ी जाती है तो लोगों के साथ मारपीट की जाती है और अब घर के अंदर नमाज पढ़ने पर भी कार्रवाई हो रही है। संविधान ने सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता दी है और हर व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार पूजा-पाठ करने का अधिकार है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि इन लोगों को किस कानून के आधार पर गिरफ्तार किया गया और यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक है। इस तरह की कार्रवाई देश के लिए ठीक नहीं है।

मुंबई की राजनीति को लेकर वारिस पठान ने शिवसेना शिंदे गुट पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किस तरह शिवसेना के पार्षदों को मुंबई के ताज होटल में ठहराया गया है, यह बात जनता भली-भांति समझ रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें वहां क्यों रखा गया और इसके पीछे क्या कारण है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिन नेताओं को वोट देकर जिताया है, अब वही लोग मेयर की कुर्सी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि अन्य पार्टियों के नेता भी वहां मिलने गए थे और इस मुद्दे पर बातचीत हो रही थी कि अगला मेयर कौन बनेगा। उन्होंने आशंका जताई कि शायद कोई बड़ा राजनीतिक खेल होने वाला है, जिसका खुलासा मेयर चुने जाने के बाद ही हो पाएगा।

विपक्ष में बैठने और किसी पार्टी को समर्थन देने के सवाल पर वारिस पठान ने स्पष्ट किया कि फिलहाल एआईएमआईएम विपक्ष में है और समर्थन देना या न देना पार्टी के सुप्रीमो का फैसला होगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा।

एआईएमआईएम के नगरसेवकों के टूटने का डर होने के सवाल पर वारिस पठान ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जिन उम्मीदवारों को जनता ने विश्वास के साथ वोट दिया है, वे उस भरोसे पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम अपने समर्थकों और मतदाताओं के विश्वास को कभी नहीं तोड़ेगी।

शिवसेना और कुछ अन्य दलों द्वारा एआईएमआईएम के बढ़ते प्रभाव को देश के लिए खतरा बताए जाने पर वारिस पठान ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देकर वे जनता का अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से वोट देकर उनकी पार्टी को सफल बनाया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनकी पार्टी से किस तरह का खतरा है, जबकि उन्होंने संविधान के दायरे में रहकर चुनाव जीता है।

वारिस पठान ने कहा कि असली खतरा उन पार्टियों से है जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। ऐसी राजनीति से न केवल लोकतंत्र बल्कि पूरी इंसानियत को खतरा है।


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