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सुप्रीम कोर्ट से आसाराम बापू को बड़ा झटका: पेरोल बढ़ाने से इनकार, मेडिकल ग्राउंड पर राहत की मांग खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की पेरोल बढ़ाने से इनकार कर दिया। इस कारण पिछले 20 दिन से बाहर आसाराम को दोबारा जेल में लौटना पड़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट से आसाराम बापू को बड़ा झटका: पेरोल बढ़ाने से इनकार, मेडिकल ग्राउंड पर राहत की मांग खारिज
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की पेरोल बढ़ाने से इनकार कर दिया। इस कारण पिछले 20 दिन से बाहर आसाराम को दोबारा जेल में लौटना पड़ेगा।

आसाराम पिछले 20 दिन से पेरोल पर जेल से बाहर है। मंगलवार को यह पेरोल खत्म हो रही है। इसके पहले, आसाराम ने मेडिकल आधार पर पेरोल बढ़ाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आसाराम के वकील ने कहा था कि वह उज्जैन के अस्पताल में भर्ती हैं। इसलिए मेडिकल आधार पर पेरोल को बढ़ाया जाए।

मंगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पेरोल बढ़ाने से इनकार कर दिया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि राजस्थान सरकार आसाराम की सेहत का ध्यान रखे।

कोर्ट के आदेश के साथ ही आसाराम को मंगलवार को शाम पांच बजे तक जेल में सरेंडर करना पड़ेगा।

इससे पहले, राजस्थान हाईकोर्ट ने सजायाफ्ता आसाराम को 3 अगस्त को 20 दिन की पैरोल दी थी। एक अन्य मामले के कारण रिहाई में अड़चन आने पर कोर्ट ने 6 अक्टूबर को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वे 3 अगस्त के अपने पिछले आदेश का पालन करते हुए आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर रिहा करें। कोर्ट ने राज्य सरकार को इस आदेश के पालन के संबंध में एक रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया था।

इसके बाद आसाराम को 20 दिन की पेरोल पर जेल से रिहा किया गया था। पेरोल के दौरान आसाराम मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचा, जहां सीने में दर्ज की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

बता दें कि 2018 में, जोधपुर की एक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आसाराम को एक नाबालिग के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास (जीवन भर जेल) की सजा सुनाई। तब से वह अपनी सजा काट रहा है। हालांकि, बीच-बीच में उसे इलाज के लिए चिकित्सा केंद्रों (अस्पतालों) में जाने की अनुमति दी जाती रही है।

इसके अलावा, जनवरी 2023 में, गांधीनगर की एक अदालत ने सूरत की दो बहनों से जुड़े यौन उत्पीड़न के एक अलग मामले में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।



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