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आज उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगी सुनेत्रा पवार

आज उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगी सुनेत्रा पवार
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मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार मंगलवार को प्रदेश की नई उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगी। उनके शपथ ग्रहण और पदभार ग्रहण को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह का माहौल है।

उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले सुनेत्रा पवार सुबह 8:30 बजे मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद वह दादर स्थित चैत्यभूमि जाकर भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। चैत्यभूमि वह स्थान है, जहां डॉ. आंबेडकर का अंतिम संस्कार किया गया था। इस दौरान उनके साथ एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। धार्मिक और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बाद सुनेत्रा पवार औपचारिक रूप से उपमुख्यमंत्री पद का कार्यभार ग्रहण करेंगी।

बता दें कि अजित पवार 28 जनवरी को जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए प्रचार करने बारामती आ रहे थे, तभी उनका प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन रनवे पर लैंड करते समय क्रैश हुआ। इस दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया। चार अन्य लोगों की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई। 29 जनवरी को अजित पवार के पार्थिव शरीर का बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में अंतिम संस्कार किया गया।

अजित पवार के निधन के बाद पत्नी सुनेत्रा पवार को उनकी जगह उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्हें आबकारी, खेल और अल्पसंख्यक विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शपथ ग्रहण के बाद सुनेत्रा पवार ने कहा था कि आदरणीय अजीतदादा ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए पूरी जिंदगी जीने का मंत्र दिया है। आज, 'शिव-शाहू-फुले-अंबेडकर' के सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा के साथ उनके विचारों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, कर्तव्य की भावना के साथ उपमुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए मेरा दिल सच में भर आया है।

उन्होंने आगे कहा कि दादा के असमय निधन से मेरे दिल पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन मेरा सच्चा सहारा कर्तव्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, संघर्ष करने की ताकत और लोगों के साथ उनका रिश्ता है, जो उन्होंने मुझे सिखाया। मैं उनके सपनों के न्यायपूर्ण, समानता-आधारित और विकसित महाराष्ट्र को साकार करने के लिए अथक और ईमानदारी से काम करती रहूंगी। इन मुश्किल समय में महाराष्ट्र के लोगों का प्यार और समर्थन ही मेरी असली ताकत है। आपके भरोसे की शक्ति से, दादा के आदर्शों को रोशन करते हुए, मैं नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ती रहूंगी।


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