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सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों की सबसे बड़ी जीत, 15 नक्सली ढेर

झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में गुरुवार को सुरक्षाबलों को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है

सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों की सबसे बड़ी जीत, 15 नक्सली ढेर
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एक करोड़ के इनामी अनल दा का खात्मा, नक्सलियों को तगड़ा झटका

  • ऑपरेशन ‘मेधा बुरु’ में बरामद हथियारों का जखीरा, मुठभेड़ में तीन महिला नक्सली भी मारी गईं
  • 149 मामलों में वांछित माओवादी रणनीतिकार का अंत, ओडिशा सीमा पर असर
  • झारखंड में नक्सलियों की संख्या घटी, पुलिस ने आत्मसमर्पण की अपील की

चाईबासा/रांची। झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में गुरुवार को सुरक्षाबलों को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत कुल 15 नक्सली मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि मारे गए अन्य नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत (बीजेएसएसी), अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी और जोंगा शामिल हैं। इनमें से कई पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए द्वारा लाखों रुपए के इनाम घोषित थे और इन सभी के खिलाफ गंभीर नक्सली मामलों के दर्जनों केस दर्ज थे। ये सभी नक्सली केंद्रीय कमेटी सदस्य (सीसीएम) अनल उर्फ पतिराम मांझी के दस्ते के साथ झारखंड के कोल्हान इलाके में लंबे समय से सक्रिय थे।

अनल दा पर झारखंड में एक करोड़ रुपए और ओडिशा में एक करोड़ 20 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा, एनआईए ने उस पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। उसके खिलाफ कुल 149 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र का रहने वाला था और बीते दो दशकों से नक्सली संगठन का शीर्ष रणनीतिकार माना जाता था। वर्ष 2022 से अब तक चाईबासा के कोल्हान और सारंडा जंगली क्षेत्र में हुए आईईडी विस्फोटों और हिंसक घटनाओं में अनल उर्फ पतिराम मांझी के दस्ते की प्रमुख भूमिका रही है।

आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि किरीबुरू थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंडा के घने जंगलों में गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे से ‘ऑपरेशन मेधा बुरु’ के तहत 209 कोबरा, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने अभियान शुरू किया। इस दौरान अनल उर्फ पतिराम मांझी के सशस्त्र दस्ते ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई की। कई चरणों में चली मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से 15 नक्सलियों के शव, भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई।

सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने कहा कि अनल के खात्मे से ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में भी नक्सली गतिविधियों पर निर्णायक असर पड़ेगा। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस मुठभेड़ के बाद झारखंड में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर अब 50 से 60 के बीच रह जाने का अनुमान है। झारखंड पुलिस ने शेष बचे नक्सलियों से अपील की है कि वे समय रहते आत्मसमर्पण कर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। फिलहाल पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।


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