राम मंदिर चंदा मामले पर विपक्ष को निशिकांत दुबे का जवाब, बोले-जो राम को काल्पनिक मानते थे, वही बयानबाजी कर रहे
अयोध्या के राम मंदिर में हुए चंदा चोरी मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के लिए एसआईटी गठित की और भरोसा जताया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, विपक्ष की ओर से बयानबाजी जारी है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि जो कल तक राम को काल्पनिक मानते थे, वे इस मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी की सरकारों में राम भक्तों पर तो गोलियां तक चलाई गई थीं। कांग्रेस के लिए गांधी परिवार ही भगवान है पर हमारे लिए तो राम, कृष्ण सहित अन्य देवी देवता ही भगवान हैं, जिन्हें हम पूजते हैं।

भागलपुर। अयोध्या के राम मंदिर में हुए चंदा चोरी मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के लिए एसआईटी गठित की और भरोसा जताया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, विपक्ष की ओर से बयानबाजी जारी है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि जो कल तक राम को काल्पनिक मानते थे, वे इस मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी की सरकारों में राम भक्तों पर तो गोलियां तक चलाई गई थीं। कांग्रेस के लिए गांधी परिवार ही भगवान है पर हमारे लिए तो राम, कृष्ण सहित अन्य देवी देवता ही भगवान हैं, जिन्हें हम पूजते हैं।
भागलपुर में आईएएनएस से बातचीत के दौरान भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भारत माता की जय नहीं कहा। वह तो इंदिरा को इंडिया मानते थे। यह सिलसिला नेहरू काल से ही चला आ रहा है। इसमें कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस पार्टी सिर्फ व्यक्तिवाद की पूजा करती है। वे भगवान को कहां से मानेंगे।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पीएम मोदी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा कि विभाजन के समय पूरे बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिश हुई थी, लेकिन राष्ट्रवादी शक्तियों के प्रयासों से पश्चिम बंगाल भारत में बना रहा।
निशिकांत दुबे ने बातचीत में अपने लेख का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 5 मार्च 1947 को यह प्रस्ताव पारित किया कि बंगाल का विभाजन होगा, कोलकाता से नोआखली तक हिंदू-मुस्लिम के बीच दंगे हुए, भीषण रक्तपात हुआ, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के सपने को पूरा करने के लिए नेहरू ने भौगोलिक स्थिति को भी दरकिनार कर भारत का बंटवारा किया।
बंगाल की तत्कालीन विधानसभा में कांग्रेस के सभी हिंदू तथा मुसलमान विधायकों ने विभाजन के पक्ष में वोट डाला। प्रस्ताव के पारित होने के बाद 30 जून 1947 को जस्टिस विपिन कुमार मुखर्जी के नेतृत्व में एक बंटवारा कमीशन बना जिसने आनन-फानन में अपनी रिपोर्ट अगस्त 1947 यानी केवल 30 दिन में सौंपी, तथा 19 अगस्त 1947 को यह केवल माउंटबेटन के आदेश से लागू हो गया, चिकन नैक से लेकर चौबीस परगना, असम, त्रिपुरा, और मेघालय तक हम जल, जंगल, जमीन, और जोरू की लड़ाई बांग्लादेश से इसी नेहरू-गांधी परिवार के कारण लड़ रहे हैं।
बिहार के भोजपुर एनकाउंटर वाले मामले पर भाजपा सांसद ने कहा कि सीएम सम्राट चौधरी ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बीच किसी भी तरह से यह कहना कि यह एनकाउंटर फेक था या नहीं, अभी ठीक नहीं रहेगा। जब पूरी जांच हो जाएगी तो सच सामने आएगा। बिहार के सीएम पर भरोसा किया जाना चाहिए।
पाकिस्तान की धमकी पर भाजपा सांसद ने कहा कि पाकिस्तान को सिंधु जल का पानी नहीं मिलने वाला है। ओवैसी की ओर से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से की गई अपील पर भाजपा सांसद ने कहा कि वे मेरे मित्र हैं, लेकिन उन्हें समझना होगा कि अवैध रूप से बनाए गए धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई तो जरूर सुनिश्चित की जाएगी। उन्हें तो प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करना चाहिए।


