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राजनाथ सिंह और अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ की अहम बैठक, रक्षा सहयोग की समीक्षा

भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई गति देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से एक अहम वार्ता की है। यहां भारत और अमेरिका ने रक्षा तकनीक, सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।

राजनाथ सिंह और अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ की अहम बैठक, रक्षा सहयोग की समीक्षा
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नई दिल्ली। भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई गति देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से एक अहम वार्ता की है। यहां भारत और अमेरिका ने रक्षा तकनीक, सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को फिलीपींस के सेबू में 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) से इतर अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ यह मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के 10 वर्षीय रक्षा ढांचे के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की। बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ उनकी बैठक बेहद अच्छी रही। दोनों पक्षों ने 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढांचे के तहत अब तक हुई प्रगति पर चर्चा की। इस ढांचे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच सैन्य तकनीक, सूचनाओं के आदान-प्रदान और रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक तालमेल बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों की रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने का रास्ता खुलता है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और अमेरिका की मजबूत साझेदारी स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा से जुड़े साझा उद्देश्यों का एक प्रमुख आधार है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर विभिन्न देशों के बीच बातचीत जारी है।

एडीएमएम-प्लस के इतर हुई इस मुलाकात में भारत-अमेरिका ने अपने रक्षा संबंधों की प्रगति की समीक्षा की और सैन्य तकनीक से लेकर संयुक्त उत्पादन तक सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया। भारत अपनी एक्ट ईस्ट नीति के तहत आसियान की केंद्रीय भूमिका तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस नीति के तहत भारत आसियान देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर देता है।

गौरतलब है कि अपने इस दौरे में राजनाथ सिंह विभिन्न भागीदार देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में भारत के मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की जाएगी और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के अवसरों पर विचार होगा। एडीएमएम-प्लस क्षेत्रीय देशों और संवाद साझेदारों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर चर्चा का एक प्रमुख मंच है। इसमें भारत की भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने के उसके प्रयासों का हिस्सा है।

यह बैठक फिलीपींस के सेबू में 28 और 29 अक्टूबर को हो रही है। यहां आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में भी भारत की अहम भूमिका रहेगी। भारत इस मंच पर केवल एक भागीदार देश के रूप में ही नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।



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