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पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षाओं में सुधार के लिए सरकार ने मांगे सुझाव, 13 सितंबर तक दे सकेंगे राय

इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित यह टास्क फोर्स मुख्य रूप से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं के संचालन और प्रबंधन की समीक्षा कर रही है। इसमें परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा, परीक्षा डिजाइन, तकनीकी व्यवस्था और प्रशासनिक प्रणाली को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षाओं में सुधार के लिए सरकार ने मांगे सुझाव, 13 सितंबर तक दे सकेंगे राय
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में सार्वजनिक परीक्षाओं की व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में लोगों से सुझाव मांगे हैं। नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय हाई-पावर्ड टास्क फोर्स ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक संगठनों समेत आम लोगों से परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर राय देने की अपील की है। सरकार इन सुझावों के आधार पर सार्वजनिक परीक्षाओं में जरूरी बदलावों की सिफारिश तैयार करेगी।

NTA की परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर खास जोर

इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित यह टास्क फोर्स मुख्य रूप से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं के संचालन और प्रबंधन की समीक्षा कर रही है। इसमें परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा, परीक्षा डिजाइन, तकनीकी व्यवस्था और प्रशासनिक प्रणाली को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, टास्क फोर्स का उद्देश्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जो सुरक्षित होने के साथ-साथ पारदर्शी, निष्पक्ष और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो। इसके तहत परीक्षा से जुड़े विभिन्न चरणों में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के उपाय सुझाए जाएंगे।

पेपर लीक और गड़बड़ी रोकने पर फोकस

सरकार की ओर से मांगे गए सुझावों में परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकना प्रमुख मुद्दों में शामिल है। इसके अलावा परीक्षा संचालन से जुड़ी संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर भी राय ली जा रही है। टास्क फोर्स यह भी देख रही है कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसे कौन से बदलाव किए जा सकते हैं, जिनसे छात्रों को होने वाली परेशानियां कम हों और उन्हें परीक्षा से संबंधित सेवाएं अधिक सुगमता से मिल सकें।

13 सितंबर तक भेज सकते हैं सुझाव

लोग 13 सितंबर तक टास्क फोर्स को अपने सुझाव भेज सकते हैं। सुझाव अंग्रेजी, हिंदी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में दिए जा सकते हैं। सरकार ने इसके लिए कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी राय इस प्रक्रिया में शामिल कर सकें। सुझाव examreforms-taskforce.dopt.gov.in वेबसाइट के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा 1800-180-4747 नंबर पर फोन करके भी अपनी राय दी जा सकती है। वॉट्सऐप के जरिए सुझाव देने के लिए 7827042830 नंबर पर ‘hptf’ लिखकर भेजना होगा। इसके बाद संबंधित प्रक्रिया के जरिए लोग परीक्षा सुधार से जुड़े अपने सुझाव दर्ज करा सकेंगे।

जुलाई में हुआ था टास्क फोर्स का गठन

केंद्र सरकार ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में इस छह सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन जुलाई में किया था। इसका गठन सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बीच किया गया। इसी दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में बदलाव और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन भी किया था।

टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल

नीलेकणि के अलावा टास्क फोर्स में पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो निदेशक तपन डेका, पूर्व इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। टास्क फोर्स द्वारा आम लोगों, छात्रों और परीक्षा से जुड़े हितधारकों से मिले सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सरकार को सिफारिशें सौंपी जाएंगी। माना जा रहा है कि इन सिफारिशों से NTA समेत सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन, सुरक्षा और तकनीकी ढांचे में व्यापक बदलाव का रास्ता खुल सकता है।


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