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'पूजा पाल को सपा नहीं, भाजपा सरकार में मिला न्याय': ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर सीधा हमला

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ विधायक पूजा पाल के आरोपों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पूजा पाल न्याय के लिए दर-दर भटकती रहीं, लेकिन सपा सरकार में उन्हें न्याय नहीं मिल सका।

पूजा पाल को सपा नहीं, भाजपा सरकार में मिला न्याय: ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर सीधा हमला
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ विधायक पूजा पाल के आरोपों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पूजा पाल न्याय के लिए दर-दर भटकती रहीं, लेकिन सपा सरकार में उन्हें न्याय नहीं मिल सका।

पूजा पाल ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान राज्य में 'जंगलराज' था और 'रामराज' है।

इस पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी के शासनकाल में अतीक अहमद ने राजू पाल की हत्या की। पूजा पाल न्याय के लिए दर-दर भटकती रहीं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल सका। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल में उन्हें न्याय मिल पाया।"

उन्होंने कहा, "पूजा पाल समाजवादी पार्टी में रही हैं और उसकी हर गतिविधि को जानती हैं। इस नाते उन्होंने विधानसभा में अपनी बात की कि समाजवादी पार्टी की सरकार गुडों और माफियाओं की सरकार थी।"

इसी बीच, ओम प्रकाश राजभर ने पश्चिम बंगाल के चुनाव और कोलकाता में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं में भिड़ंत पर प्रतिक्रिया दी। राजभर ने कहा, "जो चुनाव हारता है तो वह तरह-तरह के आरोप लगाता है। अब ममता बनर्जी चुनाव हार रही हैं और भाजपा की सरकार बन रही है तो वे बौखला गई हैं। इसलिए ममता बनर्जी तरह-तरह के हथकंड़े अपना रही हैं।"

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी के राज से परेशान हो चुकी है और बदलाव चाहती है। इसी बदलाव के लिए भाजपा को लोगों ने वोट दिया है। बंगाल में निश्चित रूप से भाजपा की सरकार बनेगी।

राजभर ने मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सभी फैसले सोनिया गांधी लेती हैं। राजभर ने कहा, "मल्लिकार्जुन खड़गे किस बात के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। जब अध्यक्ष के पास निर्णय लेने की क्षमता ही न हो तो ऐसे राष्ट्रीय अध्यक्ष की क्या जरूरत है।"



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