लाल किले से PM मोदी का विकसित भारत का रोडमैप, बोले- 2047 के लक्ष्य के लिए रिफॉर्म की रफ्तार बढ़ानी होगी
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से AI और इनोवेशन के दौर में प्रवेश कर रही है। ऐसे में भारत को डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी का वैश्विक हब बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने मेड इन इंडिया 6G को देश के हर हिस्से तक पहुंचाने, शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने और बंदरगाहों को विकास की गति से जोड़ने की जरूरत बताई।

नई दिल्ली: Independence Day 2026: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं और देश के भविष्य का रोडमैप सामने रखा। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देखा है। उन्होंने देशवासियों से छोटे लक्ष्य छोड़कर बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी देश तभी महान बनता है और अपने लक्ष्य हासिल करता है, जब उसके नागरिकों में सामूहिक संकल्प और क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदल रहा है और अब जरूरत अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करने तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा खुद करने की है।
‘छोटे सपने छोड़ें, बड़े लक्ष्य तय करें’
पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे छोटे सपनों को अपना लक्ष्य न बनाएं। उन्होंने कहा कि बड़े सपने व्यक्ति और समाज की सोच का दायरा बढ़ाते हैं। मजबूत इरादे मुश्किल परिस्थितियों और आपदाओं के बीच भी रास्ता खोजने की क्षमता देते हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक 2047 का विकसित भारत केवल सरकार की योजना नहीं, बल्कि 140 करोड़ से अधिक भारतीयों की सामूहिक आकांक्षा है। उन्होंने कहा कि देश को इस लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए सोच, काम करने के तरीके और कार्य संस्कृति में बदलाव जरूरी है।
‘फ्रैजाइल फाइव’ से तेज गति वाली अर्थव्यवस्था तक
अपने भाषण में पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ यानी कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में अलग-अलग क्षेत्रों में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि यह उपलब्धियां देश के नागरिकों की क्षमता और संकल्प से हासिल हुई हैं। पीएम ने बताया कि इस अवधि में रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है। इसी तरह खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन लगभग पांच गुना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना बढ़ने का दावा उन्होंने किया। आधुनिक रेलवे कोच के उत्पादन में करीब 21 गुना और मोबाइल फोन के उत्पादन में लगभग 33 गुना वृद्धि का भी प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया।
‘सप्त धारा’ से विकास को नई दिशा देने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने लाल किले से ‘सप्त धारा’ का आह्वान किया और कहा कि इसकी शक्ति से भारत को विकास की नई ऊंचाई तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए लागत, गुणवत्ता और मैन्युफैक्चरिंग के मानकों पर दुनिया से आगे निकलने की जरूरत बताई। पीएम ने कहा कि भारत को अपनी गुणवत्ता के दम पर वैश्विक बाजार में अपनी वैल्यू बढ़ानी होगी। उन्होंने भारतीय किसानों के पारंपरिक उत्पादों, मसालों और खाद्य पदार्थों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
AI, 6G और डिजिटल तकनीक पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से AI और इनोवेशन के दौर में प्रवेश कर रही है। ऐसे में भारत को डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी का वैश्विक हब बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने मेड इन इंडिया 6G को देश के हर हिस्से तक पहुंचाने, शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने और बंदरगाहों को विकास की गति से जोड़ने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि तकनीक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भारत की आर्थिक क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
पीएम मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा को भविष्य की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि AI, चिप और डेटा सेंटर जैसी आधुनिक तकनीकों के विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी। इसलिए भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा इस लक्ष्य को हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बताया कि संसद में SHANTI एक्ट पारित होने के साथ परमाणु ऊर्जा के विस्तार के लिए ढांचा तैयार हो गया है। भारत का लक्ष्य 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। उन्होंने कहा कि इस दशक में पांच परमाणु रिएक्टर काम करना शुरू कर देंगे।
‘रिफॉर्म की गति और तेज करनी होगी’
पीएम मोदी ने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों के लिए देश के अलग-अलग वर्गों के नागरिकों को श्रेय दिया। उन्होंने दलितों, आदिवासियों, ग्रामीण और शहरी आबादी, गरीबों, मध्यम वर्ग, युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं समेत समाज के विभिन्न वर्गों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2047 का लक्ष्य देश की अब तक की उपलब्धियों और मजबूत नींव के आधार पर तय किया गया है। अब सुधारों की गति को और तेज करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि काफी काम पूरा हो चुका है, लेकिन आगे की यात्रा के लिए पारंपरिक सोच और काम करने के तरीकों में बदलाव करना होगा। पीएम मोदी का संदेश स्पष्ट रहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है। इसके लिए बेहतर मैन्युफैक्चरिंग, आधुनिक तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की मजबूत मौजूदगी और तेज रिफॉर्म के साथ देश की सामूहिक क्षमता को नई दिशा देना जरूरी होगा।


