नीतीश कुमार पर बोले ओम प्रकाश राजभर, 'वे खुद मालिक, राज्यसभा जाना उनका सपना'
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्यसभा उम्मीदवारी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का सपना है कि वे उच्च सदन में जाकर राजनीति करें। भाजपा गठबंधन ने उन्हें खुलकर न्योता दिया है।

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्यसभा उम्मीदवारी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का सपना है कि वे उच्च सदन में जाकर राजनीति करें। भाजपा गठबंधन ने उन्हें खुलकर न्योता दिया है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "कोई व्यक्ति प्रधान बन जाता है, जब पांच साल रहता है तो उसको लगता है कि अब हम इससे ऊपर जाएं। वो जिला पंचायत बनने की बात करता है। जो जिला पंचायत बन जाता है वो विधायक बनने की बात सोचता है। जो विधायक बन जाता है वो मंत्री बनने की सोचता है। जो मंत्री बन जाता है वो मुख्यमंत्री बनने की बात सोचता है। जो मुख्यमंत्री बन जाता है तो प्रधानमंत्री का सपना देखता है। अब प्रधानमंत्री बन जाता है तो राष्ट्रपति बनने का सपना देखता है।"
उन्होंने आगे कहा, "राज्यसभा जाने को लेकर सीएम नीतीश ने खुद पोस्ट किया और कहा कि 'उच्च सदन में जाना उनका निजी फैसला है और मैं दिल्ली जा रहा हूं। राज्यसभा में कभी नहीं गया हूं।' नीतीश कुमार का सपना है कि वे उच्च सदन में जाकर राजनीति करें। उन्हें कौन रोकता है? वह स्वत: मालिक हैं। भाजपा गठबंधन ने उन्हें खुलकर न्योता दिया। भाजपा ने बिहार में उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर भी दिखाया।"
बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाने की अटकलों पर राजभर ने कहा, "यह सदन के विधायकों की जिम्मेदारी है कि किसे मुख्यमंत्री चुनेंगे। हम लोग एनडीए के साथ हैं।"
इसी बीच, ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "सपा और कांग्रेस की कहानी बिल्कुल अलग है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक दूसरे के खिलाफ ही बोलते हैं। ये हर बात पर सरकार के खिलाफ बोलते हैं, तब कुछ वोट मिल पाते हैं, जब सरकार की योजनाओं की प्रशंसा करने लग जाएंगे तो इन्हें एक भी वोट नहीं मिलेगा।"
मंत्री राजभर ने कहा, "सपा सरकार में दिव्यांगों को 300 रुपए और बुजुर्गों को 500 रुपए पेंशन मिलती थी। भाजपा सरकार ने सबको बराबर सम्मान दिया है और हर किसी की पेंशन को बढ़ाकर एक हजार रुपए किया। पिछली सरकारों में किसानों को मिलने वाली आर्थिक मदद को लेकर लूट होती थी। बीच से ही पैसों को लूट लिया जाता था। अब सब लीकेज बंद हो चुका है। इस कारण विपक्ष के लोग विरोध करते हैं।"


