पहलगाम आतंकी हमले पर NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट: हाफिज सईद को बताया साजिशकर्ता, लश्कर नेटवर्क पर नए खुलासे
NIA ने इस मामले में पहली चार्जशीट 15 दिसंबर 2025 को दाखिल की थी। उसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर साजिद जट सहित छह आरोपियों को नामजद किया गया था। हालांकि, उस समय हाफिज सईद का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं था। नई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में एजेंसी ने जांच के दौरान जुटाए गए अतिरिक्त साक्ष्यों के आधार पर हाफिज सईद को कथित साजिशकर्ता बताया है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में वर्ष 2025 में हुए आतंकी हमले के मामले में सोमवार को पूरक (सप्लीमेंट्री) चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने इस चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद को हमले की साजिश रचने वाला मुख्य आरोपी बताया है। NIA ने उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। यह मामला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए उस हमले से जुड़ा है, जिसमें आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की थी।
अधिकारियों के अनुसार, हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद भारत ने 6-7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी। भारत ने उस समय दावा किया था कि इस अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।
पहली चार्जशीट के बाद अब हाफिज सईद का नाम शामिल
NIA ने इस मामले में पहली चार्जशीट 15 दिसंबर 2025 को दाखिल की थी। उसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर साजिद जट सहित छह आरोपियों को नामजद किया गया था। हालांकि, उस समय हाफिज सईद का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं था। नई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में एजेंसी ने जांच के दौरान जुटाए गए अतिरिक्त साक्ष्यों के आधार पर हाफिज सईद को कथित साजिशकर्ता बताया है। मामले की जांच अभी भी जारी है।
मुख्य हैंडलर के रूप में सैफुल्लाह जट्ट का उल्लेख
जांच एजेंसी के अनुसार, आतंकी नेटवर्क का संचालन कथित रूप से सैफुल्लाह जट्ट उर्फ लंगड़ा कर रहा था, जिसे पहले भी मुख्य हैंडलर बताया गया था। NIA के मुताबिक, उसने हमलावरों को कथित तौर पर वास्तविक समय (रियल टाइम) में निर्देश दिए और बैसरन घाटी का स्थान साझा किया। एजेंसी के अनुसार, हमले के दौरान भी वह आतंकियों के संपर्क में था। सैफुल्लाह जट्ट अभी फरार है और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है।
गाइडों की भूमिका की भी जांच
चार्जशीट के अनुसार, दो स्थानीय टूरिस्ट गाइडों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। NIA का आरोप है कि उन्होंने हमले से पहले बैसरन क्षेत्र में संदिग्ध लोगों को देखा था, लेकिन इसकी जानकारी समय रहते सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी। एजेंसी का कहना है कि इस पहलू की भी जांच की गई है और संबंधित तथ्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
हमले से पहले की गतिविधियों का जिक्र
NIA ने अपनी जांच में यह भी उल्लेख किया है कि हमले से पहले तीनों हमलावरों ने एक स्थानीय झोपड़ी में भोजन किया था और बाद में बैसरन घाटी में एक स्थान पर रुककर खाना खाया। एजेंसी का दावा है कि इसके बाद उन्होंने पर्यटकों पर हमला किया। जांच में घटनास्थल से जुड़े कई तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है।
विदेशी सप्लाई चेन और डिजिटल साक्ष्य
जांच एजेंसी के अनुसार, हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए एक एक्शन कैमरे की सप्लाई चेन का भी पता लगाया गया है। NIA का दावा है कि यह उपकरण अमेरिकी कंपनी का था और विभिन्न माध्यमों से चीन होते हुए आतंकियों तक पहुंचा। इसके अलावा, मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के पास से बरामद मोबाइल फोन की जांच में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। एजेंसी के अनुसार, इन उपकरणों में बैसरन घाटी से संबंधित नेविगेशन डेटा और अन्य डिजिटल सामग्री मिली है। जांच में यह भी कहा गया है कि ये मोबाइल पाकिस्तान की सप्लाई चेन के माध्यम से आतंकियों तक पहुंचे थे।
तीन हमलावर मारे जा चुके, जांच जारी
NIA के अनुसार, पहलगाम हमले में शामिल तीनों हमलावर बाद में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। हालांकि, कथित हैंडलर सैफुल्लाह जट्ट अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर आगे की सुनवाई होगी। NIA का कहना है कि यदि जांच के दौरान और नए तथ्य सामने आते हैं, तो आवश्यकतानुसार आगे भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।


