Top
Begin typing your search above and press return to search.

NEET-PG 2026 में बड़े बदलाव: परीक्षा केंद्र के अधिक विकल्प, आधार सत्यापन और प्रति प्रश्न अधिक समय मिलेगा

इस वर्ष परीक्षा केंद्र आवंटन की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान तीन राज्यों की प्राथमिकता देने का विकल्प मिलेगा। इनमें अपने पत्राचार (Correspondence) वाले राज्य को पहली प्राथमिकता के रूप में चुनना अनिवार्य होगा।

NEET-PG 2026 में बड़े बदलाव: परीक्षा केंद्र के अधिक विकल्प, आधार सत्यापन और प्रति प्रश्न अधिक समय मिलेगा
X

नई दिल्ली: इस महीने के अंत में आयोजित होने वाली NEET-PG 2026 परीक्षा को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। नई व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों के विकल्प बढ़ाए जाएंगे, उम्मीदवारों को परीक्षा शहर की जानकारी पहले से मिलेगी और प्रश्नपत्र के प्रारूप में भी बदलाव किया गया है ताकि प्रत्येक प्रश्न के लिए अधिक समय उपलब्ध हो सके। शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने परीक्षा तैयारियों की समीक्षा बैठक की और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि परीक्षा का आयोजन पूरी तरह सुरक्षित, तकनीक-आधारित और निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।

परीक्षा केंद्र आवंटन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

इस वर्ष परीक्षा केंद्र आवंटन की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान तीन राज्यों की प्राथमिकता देने का विकल्प मिलेगा। इनमें अपने पत्राचार (Correspondence) वाले राज्य को पहली प्राथमिकता के रूप में चुनना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को उनके निवास स्थान के निकट परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराना है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा और अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।

'पहले आओ-पहले पाओ' व्यवस्था खत्म

मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि पहले परीक्षा शहर का आवंटन 'पहले आओ-पहले पाओ' प्रणाली के आधार पर किया जाता था। इसके कारण पंजीकरण शुरू होते ही अभ्यर्थियों पर तुरंत आवेदन करने का दबाव रहता था। देर से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को अक्सर अपने राज्य से बाहर परीक्षा केंद्र आवंटित हो जाते थे। नई व्यवस्था में यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। अब परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उम्मीदवारों को उनके परीक्षा शहर की जानकारी दे दी जाएगी। इससे उन्हें यात्रा, आवास और अन्य व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

आधार आधारित सत्यापन से बढ़ेगी सुरक्षा

परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इस बार आधार आधारित पहचान सत्यापन लागू किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया से लेकर परीक्षा के दिन तक अभ्यर्थियों का आधार के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार का फिंगरप्रिंट सत्यापन सफल नहीं होता है, तो वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में आइरिस (Iris) आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि इससे फर्जी उम्मीदवारों और पहचान संबंधी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

प्रश्नों की संख्या घटी, समय बढ़ा

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया है। इस वर्ष परीक्षा में 180 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए कुल 210 मिनट का समय मिलेगा। पिछले वर्षों में परीक्षा में 200 प्रश्न होते थे और अधिकतम अंक 800 निर्धारित थे। नई व्यवस्था में प्रश्नों की संख्या कम होने से प्रत्येक प्रश्न पर उम्मीदवारों को अपेक्षाकृत अधिक समय मिलेगा। इससे जल्दबाजी में उत्तर देने का दबाव कम होगा और अभ्यर्थी बेहतर ढंग से प्रश्नों का विश्लेषण कर सकेंगे।

एक ही शिफ्ट में होगी परीक्षा

इस बार NEET-PG परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि इससे सभी उम्मीदवारों का मूल्यांकन समान परिस्थितियों में होगा और विभिन्न शिफ्टों के बीच कठिनाई स्तर को लेकर उठने वाले सवालों से भी बचा जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एकल शिफ्ट प्रणाली परीक्षा परिणामों में अधिक समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायक होगी।

रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, NEET-PG 2026 के लिए इस वर्ष 2,73,183 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.5 प्रतिशत अधिक है, जो मेडिकल स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रति बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। परीक्षा देशभर के लगभग 340 शहरों में स्थित 1,300 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

निष्पक्ष परीक्षा पर सरकार का फोकस

हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार NEET-PG 2026 को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दे रही है। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने समीक्षा बैठक में सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के प्रत्येक चरण की निगरानी सख्ती से की जाए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम रखा जाए। सरकार का मानना है कि परीक्षा केंद्र आवंटन की नई व्यवस्था, आधार आधारित सत्यापन, संशोधित परीक्षा पैटर्न और एकल शिफ्ट प्रणाली जैसे कदम न केवल अभ्यर्थियों की सुविधा बढ़ाएंगे, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और निष्पक्षता को भी मजबूत करेंगे।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it