ड्रग्स पर वार : एनसीबी ने चार राज्यों में बुलाई जेसीसी की बैठक, बड़े तस्करों पर कसेगा शिकंजा
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ड्रग तस्करी के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए इस हफ्ते चार राज्यों (बिहार, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और मिजोरम) में तिमाही राज्य स्तरीय जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) की बैठकें बुलाई। इसकी जानकारी अनसीबी ने 'एक्स' पोस्ट के जरिए दी।

नई दिल्ली। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ड्रग तस्करी के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए इस हफ्ते चार राज्यों (बिहार, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और मिजोरम) में तिमाही राज्य स्तरीय जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) की बैठकें बुलाई। इसकी जानकारी अनसीबी ने 'एक्स' पोस्ट के जरिए दी।
इसका मकसद नशा तस्करी के खिलाफ एजेंसियों के बीच तालमेल को और मजबूत करना है। बता दें कि एनसीबी देश भर में नियमित रूप से तिमाही राज्य स्तरीय जेसीसी बैठकें आयोजित करता है ताकि ड्रग तस्करी के खिलाफ इंटर-एजेंसी कार्रवाई को मजबूत किया जा सके।
इन बैठकों में एनआईए, ईडी, डीआरआई, कस्टम, इनकम टैक्स, बीएसएफ, आरपीएफ, सीआईएसएफ, राज्य एएनटीएफएस, राज्य ड्रग कंट्रोलर्स, एसआईबी और अन्य ड्रग लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
बैठक में इंटेलिजेंस शेयरिंग को मजबूत करने, फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन, एनडीपीएस के प्रमुख मामलों, पीआईटीएनडीपीएस, फार्मा डायवर्जन, फाइनेक्स पोर्टल, निदान और नैटग्रीड पोर्टल के इस्तेमाल और भगोड़ों की जानकारी साझा कर जरूरी कार्रवाई करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
एनसीबी ने ड्रग तस्करी के ट्रेंड और उभरती चुनौतियों पर फोकस किया। एजेंसी ने ड्रग तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सरगनाओं के खिलाफ केंद्रित कार्रवाई की जरूरत, नारकोटिक्स कंट्रोल पर विजन डॉक्यूमेंट के प्रभावी क्रियान्वयन और गुप्त लैब की पहचान के लिए रेड फ्लैग इंडिकेटर्स जैसे मुद्दों पर जोर दिया।
मुख्य उद्देश्यों में राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल, फाइनेक्स, निदान, नेटग्रिड जैसे पोर्टल के जरिए डेटा शेयरिंग, वित्तीय जांच और संपत्ति जब्त करने को लागू करने पर चर्चा हुई।
एनसीबी की बैठकों का मुख्य मकसद केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना है। इसमें फाइनएक्स, निदान और नेटग्रिड जैसे पोर्टल के जरिए खुफिया जानकारी साझा करने और भगोड़ों को ट्रैक करने पर जोर दिया जाता है। साथ ही, पैसों की जांच, संपत्ति जब्त करने और पीआईटी-एनडीपीएस कानून को लागू करने पर ध्यान दिया जाता है, ताकि बड़े ड्रग तस्करों और सीमा पार सप्लाई चेन को खत्म किया जा सके और अवैध लैब का पता लगाया जा सके।


