दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में पीजी ऑपरेटर समेत अब तक पांच गिरफ्तार
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की कि पीजी ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया कि उसने बिल्डिंग को अगस्त 2025 से दो बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दिया था। इसके बाद ही पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी।

नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की कि पीजी ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया कि उसने बिल्डिंग को अगस्त 2025 से दो बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दिया था। इसके बाद ही पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी।
इससे पहले पुलिस ने पूछताछ में भवन के मालिक हरिराम बंसल के बेटे महेश बंसल ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उन्होंने अगस्त 2025 से भवन को दो व्यापारिक साझेदारों शुभम त्यागी और सुधांशु को पट्टे पर दिया था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शुभम त्यागी और सुधांशु किराए पर ली गई संपत्ति को 'हॉस्टल डेज' नाम से पीजी (पेइंग गेस्ट अकोमोडेशन) के रूप में चला रहे थे। वहीं, दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में गिरफ्तार मकान मालिक के बेटे महेश को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। महेश की पुलिस कस्टडी बुधवार को खत्म हो रही है।
कोर्ट ने सोमवार को महेश को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था। वहीं, उर्मिला और हरिराम को मंगलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पूछताछ में महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता (उर्मिला और हरिराम) की ओर से इमारत के रखरखाव का काम देखता था। उन्होंने अगस्त 2025 में यह इमारत पीजी ऑपरेटर 'हॉस्टल डेज' को लीज पर दी थी।
एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार किया है, जो उस इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम देख रहा था। पुलिस ने बताया कि लेबर कॉन्ट्रैक्टर को कासगंज से पकड़ा गया।
पुलिस ने बताया कि लेबर कॉन्ट्रैक्टर से शुरुआती पूछताछ में पता चला कि जिस दिन इमारत गिरी, उस दिन बेसमेंट के फर्श की मरम्मत की जा रही थी, क्योंकि पिछले आठ-दस दिनों से बारिश के मौसम में वहां कचरा जमा हो रहा था। साथ ही, कमर्शियल इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने के मकसद से इमारत के ग्राउंड फ्लोर की भी मरम्मत की जा रही थी।
पुलिस ने बताया कि 'हॉस्टल डेज' नामक यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के तौर पर चल रही थी और रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे जब यह घटना हुई, तब वहां कई छात्र मौजूद थे। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी।


