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'दिमागी नक्सल' वाला फ्लॉप बयान दोहरा रहे पीएम मोदी, वोट चोरी पर उनके पास कोई जवाब नहीं: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी और विदेशी ताकतों के सामने भारतीय हितों को गिरवी रखने से जुड़े सवालों पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।

दिमागी नक्सल वाला फ्लॉप बयान दोहरा रहे पीएम मोदी, वोट चोरी पर उनके पास कोई जवाब नहीं: खरगे
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी और विदेशी ताकतों के सामने भारतीय हितों को गिरवी रखने से जुड़े सवालों पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।

खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "प्रधानमंत्री मोदी अपने फ्लॉप हो चुके 'दिमागी नक्सल' वाले बयान को बार-बार दोहरा रहे हैं। उनके पास वोट चोरी और राहुल गांधी की उस खुली चुनौती का कोई जवाब नहीं है, जिसमें पूछा गया है कि उन्होंने भारतीय हितों को विदेशी ताकतों के सामने कैसे गिरवी रखा।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी खरगे ने सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने तीन करोड़ मतदाताओं को घुसपैठिया बताया था। खरगे ने पूछा कि इतने वर्षों तक गृह मंत्री रहने के दौरान शाह क्या कर रहे थे और अवैध लोगों को भारत में प्रवेश करने से क्यों नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा, "शाह हमें बता रहे हैं कि तीन करोड़ मतदाता घुसपैठिए हैं। वह इतने वर्षों तक गृह मंत्री रहते हुए क्या कर रहे थे? उन्होंने अवैध लोगों को भारत में प्रवेश करने दिया? उन्हें अपनी अक्षमता के लिए बर्खास्त कर देना चाहिए।"

खरगे ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग ने बार-बार अपना रुख बदला है। उन्होंने कहा, "एसआईआर पर चुनाव आयोग ने पांच बार यू-टर्न लिया है। इसमें फॉर्म-6 में पूरी तरह बदलाव भी शामिल है, जिसे साथी चुनाव आयुक्तों ने ही 'अवैध' बताया था। ऐसा क्यों?"

संसद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए खरगे ने कहा कि संसद के पिछले सत्र को 83 दिनों से अधिक समय बीतने के बावजूद अभी तक सत्रावसान नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की हालिया गतिविधियों के बाद सरकार विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। खरगे ने कहा, "संसद के पिछले सत्र का 83 दिनों से अधिक समय बीतने के बाद भी सत्रावसान नहीं हुआ है। अब जब अगला सत्र करीब है, तो वे विशेष सत्र बुलाना चाहते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग की पहल और रामलीला मैदान में हुई विशाल 'वोट बचाओ' रैली ने मोदी जी और शाह को परेशान कर दिया है।"

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें सवालों का सामना करना चाहिए और संसद में आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, "आप संसद में नहीं आते। आपने एक भी खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। अब बहस का समय है। आगे आइए और सवालों का सामना कीजिए। देश को बताइए कि आपने वोट चोरी क्यों की।"

खरगे की यह टिप्पणी राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को विदेशी प्रभाव और देश की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों सहित विभिन्न विषयों पर खुली बहस की चुनौती दिए जाने के एक दिन बाद आई है। मंगलवार को राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा था कि वह चर्चा के लिए कोई भी जगह चुन सकते हैं। उन्होंने विपक्ष को राष्ट्रविरोधी बताने वाले सरकार के आरोपों पर भी सवाल उठाए थे।

वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चुनौती देने के बजाय राहुल गांधी को संसद में बहस में हिस्सा लेना चाहिए। सीतारमण ने गृह मंत्री अमित शाह की उस पेशकश का भी जिक्र किया, जिसमें एसआईआर और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी संसद में बहस को लेकर वैसा ही उत्साह क्यों नहीं दिखा रहे हैं।



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