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रेलवे के रिफंड नियमों में बड़ा बदलाव, टिकट कैंसिल करने पर अब कटेगा ज्यादा पैसा
अब तक के नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री 72 घंटे या उससे पहले टिकट कैंसिल करता था, तो उसे लगभग पूरा रिफंड मिल जाता था। लेकिन इस व्यवस्था का फायदा उठाकर कई लोग टिकट बुक कर लेते थे और बाद में कैंसिल करके कालाबाजारी करते थे।

नई दिल्ली: Change in Railway Refund Rules: भारतीय रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगाने और सीटों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से रिफंड नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब टिकट कैंसिल कराने पर यात्रियों को पहले की तरह पूरा पैसा वापस नहीं मिलेगा। रेलवे के मुताबिक, ये बदलाव 1 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच लागू किए जाएंगे। इसके बाद सभी यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन के दौरान नए नियमों के अनुसार ही रिफंड मिलेगा।
समय के हिसाब से मिलेगा रिफंड
नए नियमों के तहत टिकट रद्द करने के समय के आधार पर रिफंड तय किया गया है। अगर कोई यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करता है, तो उसे लगभग 75% तक रिफंड मिलेगा। 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर यात्रियों को केवल 50% राशि वापस की जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करता है, तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इस बदलाव से अंतिम समय में टिकट कैंसिल करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की कोशिश की गई है।
पहले मिल जाता था लगभग पूरा पैसा
अब तक के नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री 72 घंटे या उससे पहले टिकट कैंसिल करता था, तो उसे लगभग पूरा रिफंड मिल जाता था। लेकिन इस व्यवस्था का फायदा उठाकर कई लोग टिकट बुक कर लेते थे और बाद में कैंसिल करके कालाबाजारी करते थे। इससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता था। रेलवे का मानना है कि नए नियम इस समस्या को कम करने में मदद करेंगे।
कालाबाजारी पर सख्ती
रेलवे के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाना है। अक्सर देखा गया है कि एजेंट या दलाल बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते हैं और बाद में उन्हें ऊंचे दाम पर बेचते हैं। कड़े रिफंड नियमों के चलते अब ऐसे लोगों के लिए जोखिम बढ़ जाएगा, क्योंकि अंतिम समय में टिकट कैंसिल करने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे उम्मीद है कि टिकटों की उपलब्धता बढ़ेगी और आम यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सकेगी।
अब किसी भी स्टेशन से कर सकेंगे टिकट कैंसिल
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ सकारात्मक बदलाव भी किए हैं। नए नियमों के तहत अब यात्री ऑफलाइन मोड में किसी भी रेलवे स्टेशन से अपना टिकट कैंसिल करा सकेंगे। पहले यात्रियों को उसी स्टेशन पर जाना पड़ता था, जहां से टिकट बुक किया गया था। इस नई सुविधा से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा
रेलवे ने यात्रा को अधिक लचीला बनाने के लिए एक और अहम सुविधा शुरू की है। अब यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन को अपडेट कर सकेंगे। इसके लिए मोबाइल ऐप में विकल्प दिया जाएगा, जिससे यात्री डिपार्चर स्टेशन के अलावा आगे के किसी भी स्टेशन से ट्रेन में चढ़ सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन यात्रियों के लिए उपयोगी होगी, जिनकी यात्रा योजना में बदलाव हो जाता है।
कोच और क्लास अपग्रेड करने का मौका
रेलवे ने यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा देते हुए कोच और क्लास बदलने का विकल्प भी दिया है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक अपनी सीट अपग्रेड कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी यात्री ने 3rd AC में टिकट बुक किया है और 1st AC में सीट खाली है, तो वह अपग्रेड का विकल्प चुन सकता है। इससे यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा और खाली सीटों का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
नए नियमों के लागू होने के बाद यात्रियों को टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन के समय ज्यादा सतर्क रहना होगा। आखिरी समय में टिकट कैंसिल करने पर नुकसान हो सकता है, इसलिए यात्रा की योजना पहले से तय करना जरूरी होगा। हालांकि, रेलवे ने लचीलापन बढ़ाने के लिए कई नई सुविधाएं भी जोड़ी हैं, जिससे यात्रियों को सुविधा और विकल्प दोनों मिलेंगे।
सख्ती और सुविधा का संतुलन
रेलवे के नए नियमों में एक ओर जहां सख्ती दिखाई देती है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की भी कोशिश की गई है। कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कड़े रिफंड नियम लागू किए गए हैं, जबकि टिकट कैंसिलेशन, बोर्डिंग और अपग्रेड जैसी सुविधाओं को आसान बनाया गया है। अब देखना होगा कि ये बदलाव जमीन पर कितना असर डालते हैं और क्या इससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में वाकई राहत मिलती है या नहीं।
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