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मध्य प्रदेश: महाकालेश्वर मंदिर के पास ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, बुलडोजर और पोकलेन मशीनें गिरा रही इमारतें

मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग इलाके में, उज्जैन विकास प्राधिकरण के रिहायशी प्लॉट पर कमर्शियल इस्तेमाल के लिए कथित तौर पर बनाई गई एक दर्जन से ज्यादा इमारतों को गिराने की कार्रवाई की गई। कोर्ट के स्टे ऑर्डर हटने के बाद अधिकारियों ने बुलडोजर और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

मध्य प्रदेश: महाकालेश्वर मंदिर के पास ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, बुलडोजर और पोकलेन मशीनें गिरा रही इमारतें
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उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग इलाके में, उज्जैन विकास प्राधिकरण के रिहायशी प्लॉट पर कमर्शियल इस्तेमाल के लिए कथित तौर पर बनाई गई एक दर्जन से ज्यादा इमारतों को गिराने की कार्रवाई की गई। कोर्ट के स्टे ऑर्डर हटने के बाद अधिकारियों ने बुलडोजर और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

उज्जैन डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ संदीप सोनी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "आज उज्जैन डेवलपमेंट अथॉरिटी की लगभग 15-16 ऐसी इमारतें हैं, जिनकी लीज पहले ही रद्द की जा चुकी है। इन्हें हटाने के बाद कब्जा ले लिया जाएगा, जिससे सड़क चौड़ी करने और कुल मिलाकर विस्तारीकरण का काम आसान हो जाएगा। इससे पहले भी कार्रवाई की गई थी जिसमें 72 इमारतें हटाई गई थीं।"

सीईओ संदीप सोनी ने आगे कहा, "आज, जैसा कि मैंने बताया, 15 से 16 इमारतें हटाई जा रही हैं। कार्रवाई के कारणों के बारे में बताऊं तो, हमारे सर्वे के दौरान पाया गया कि रिहायशी या कमर्शियल मकसद से अलॉट किए गए प्लॉट पर समय के साथ लीज की शर्तों का उल्लंघन किया गया था।"

सीएसपी संजू चौहान ने कहा, "नगर निगम की ओर से खुद यह कार्रवाई की जा रही है। आगे बैरिकेड लगाकर लोगों को रोका जा रहा है और दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा है। स्थिति सामान्य है, कोई परेशानी नहीं है और कार्रवाई जारी है।"

बीते वर्ष, 23 मई, 2025 को भी महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित बेगमबाग इलाके में अतिक्रमण ध्वस्तीकरण का अभियान चलाया गया था। तब लोगों ने इसका विरोध किया था। टीम ने ध्वस्तीकरण के खिलाफ चिन्हित किए गए कुल 28 प्रॉपर्टी में से 3 को ध्वस्त किया था।

उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने आईएएनएस को बताया था कि यह पूरा क्षेत्र लोगों को रहने के लिए लीज पर साल 1998 में दिया गया था। लेकिन, लोगों ने इसका बाद में व्यापारिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इसके अलावा, कई लोगों ने इसे रिन्यू भी नहीं कराया, जो पूरी तरह से लीज का उल्लंघन है।



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