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संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में बिना बहस के पारित हुआ खनन संशोधन विधेयक; सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

लोकसभा में बुधवार को खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया गया। विधेयक पेश किए जाने के दौरान भी विपक्षी सांसद सदन के वेल में विरोध प्रदर्शन करते रहे।

संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में बिना बहस के पारित हुआ खनन संशोधन विधेयक; सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
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नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया गया। विधेयक पेश किए जाने के दौरान भी विपक्षी सांसद सदन के वेल में विरोध प्रदर्शन करते रहे।

लोकसभा की अध्यक्षता कर रहे जगदंबिका पाल ने कार्यवाही शुरू करते हुए विपक्ष से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्ष विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रहा था। जगदंबिका पाल ने कहा कि यदि किसी विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा जाता है, तो यह विपक्ष की एक उपलब्धि है।

इससे पहले बुधवार को केंद्र सरकार का विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच स्वीकार कर लिया गया था।

जेपीसी में लोकसभा के 21 सांसद और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। समिति अपनी रिपोर्ट शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक सदन में प्रस्तुत करेगी।

इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सांसदों को अपनी सीटों पर लौटने और नीट छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा करने का भी सुझाव दिया।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कहा, "हम चर्चा शुरू करने के लिए तैयार हैं और सदन के 80 प्रतिशत सदस्य भी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर तुरंत चर्चा चाहते हैं।"

उन्होंने विपक्षी सांसदों से अपनी सीटों पर लौटकर सहयोग करने की अपील की ताकि छात्रों के मुद्दों पर चर्चा हो सके।अध्यक्षता कर रहे पाल ने कहा, "मैं चर्चा शुरू करवा दूंगा लेकिन आपसे अनुरोध है कि सदन का वेल खाली करें। सरकार और गृह मंत्री आपके सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।"

हालांकि, विपक्षी सांसदों ने अपना विरोध जारी रखा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।



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