Instagram की बड़ी कार्रवाई, Meta Smart Glass से बने आपत्तिजनक POV वीडियो हटाए जाएंगे
इंस्टाग्राम का यह फैसला प्लेटफॉर्म की अब तक की सबसे सख्त कंटेंट मॉडरेशन कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। हाल के महीनों में स्मार्ट ग्लास से रिकॉर्ड किए गए ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे थे, जिससे गोपनीयता और डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे थे।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने Meta Smart Glass (स्मार्ट चश्मे) के जरिए रिकॉर्ड किए गए आपत्तिजनक और गोपनीयता का उल्लंघन करने वाले पॉइंट ऑफ व्यू (POV) वीडियो के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी वीडियो हटाए जाएंगे, जिनमें किसी व्यक्ति को उसकी जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड किया गया हो या जिनका उद्देश्य उसे परेशान करना, शोषण करना या असहज स्थिति में डालना हो। इंस्टाग्राम का यह फैसला प्लेटफॉर्म की अब तक की सबसे सख्त कंटेंट मॉडरेशन कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। हाल के महीनों में स्मार्ट ग्लास से रिकॉर्ड किए गए ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे थे, जिससे गोपनीयता और डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे थे।
क्या है POV कंटेंट और क्यों बढ़ी चिंता?
POV (Point of View) कंटेंट में क्रिएटर स्मार्ट ग्लास पहनकर वीडियो रिकॉर्ड करते हैं, जिससे दर्शकों को ऐसा महसूस होता है मानो वे खुद घटनास्थल पर मौजूद हों। हालांकि, कई मामलों में इस तकनीक का इस्तेमाल सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद लोगों, विशेषकर महिलाओं, की जानकारी के बिना वीडियो बनाने के लिए किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ कंटेंट क्रिएटर बीच, जिम, कैफे, मेट्रो स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनजान लोगों के पास जाकर बातचीत करते हुए या उनके बेहद करीब जाकर वीडियो रिकॉर्ड करते थे। बाद में इन्हें सोशल मीडिया पर मनोरंजन या वायरल कंटेंट के रूप में पोस्ट किया जाता था।
Instagram ने तय की नई नीति
इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने कहा कि कंपनी अब ऐसे कंटेंट को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी, जिसमें किसी व्यक्ति की निजता का उल्लंघन किया जाता हो। उन्होंने कहा, "यदि कोई ऐसा कंटेंट पोस्ट करता है जिसमें लोगों का फायदा उठाया जा रहा है या उन्हें परेशान किया जा रहा है, तो हम उस कंटेंट को हटा देंगे। हम नहीं चाहते कि लोग चुपके से दूसरों के वीडियो बनाएं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करें।" कंपनी का कहना है कि यह नीति सभी उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
लाखों फॉलोअर्स वाले अकाउंट भी हुए बंद
रिपोर्टों के मुताबिक, Instagram ने इस अभियान के तहत कम से कम दो बड़े अकाउंट्स को भी बंद कर दिया है। इन अकाउंट्स के लाखों फॉलोअर्स थे और वे नियमित रूप से Meta Smart Glass से रिकॉर्ड किए गए वीडियो पोस्ट करते थे। इन वीडियो में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से बिना पूर्व जानकारी के बातचीत करने या उनके बेहद करीब जाकर प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करने जैसी गतिविधियां दिखाई जाती थीं। कंपनी ने माना कि इस तरह का कंटेंट उसकी सामुदायिक नीतियों के अनुरूप नहीं है।
गोपनीयता और सहमति पर बढ़ा जोर
डिजिटल विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्ट ग्लास जैसी वियरेबल तकनीक जहां कंटेंट क्रिएशन को आसान बनाती है, वहीं इससे गोपनीयता से जुड़े जोखिम भी बढ़ जाते हैं। सामान्य कैमरे की तुलना में स्मार्ट ग्लास से रिकॉर्डिंग करना अधिक कठिनाई से पहचाना जा सकता है, जिससे लोगों को यह पता ही नहीं चलता कि उनका वीडियो बनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर भी किसी व्यक्ति की निजता और सहमति का सम्मान किया जाना आवश्यक है। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
वियरेबल टेक्नोलॉजी के लिए नया संकेत
Instagram का यह निर्णय केवल एक प्लेटफॉर्म की नीति में बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे वियरेबल टेक्नोलॉजी के उपयोग को लेकर भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम भी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी स्मार्ट ग्लास और इसी तरह के उपकरणों से रिकॉर्ड किए गए कंटेंट के लिए अलग दिशानिर्देश जारी कर सकते हैं। इससे डिजिटल दुनिया में गोपनीयता और उपयोगकर्ता अधिकारों को और अधिक महत्व मिलने की संभावना है।
सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाने की कोशिश
Instagram का मानना है कि सोशल मीडिया ऐसा मंच होना चाहिए जहां उपयोगकर्ता बिना किसी डर या असहजता के खुद को सुरक्षित महसूस करें। इसी उद्देश्य से कंपनी ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वायरल होने की चाह में किसी की निजता का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा। नई नीति के तहत ऐसे वीडियो हटाने, नियम तोड़ने वाले अकाउंट्स पर कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें स्थायी रूप से बंद करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि उसका लक्ष्य ऐसा डिजिटल वातावरण तैयार करना है, जहां तकनीकी नवाचार और व्यक्तिगत गोपनीयता के बीच संतुलन बना रहे।


