नेपाल की बाढ़ में भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, हिंडन से राहत सामग्री की दूसरी खेप रवाना
भारतीय वायुसेना के मुताबिक, दूसरी उड़ान में करीब 30 से 40 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें आवश्यक दवाइयां, खाने के पैकेट और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) से जुड़ा जरूरी उपकरण शामिल है।

नई दिल्ली : नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश से पैदा हुए संकट के बीच भारत ने मानवीय सहायता अभियान तेज कर दिया है। भारत ने पड़ोसी देश के लिए राहत सामग्री की दूसरी खेप भेजी है। हिंडन एयरबेस से भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान दवाइयों, खाद्य पैकेटों, मेडिकल सप्लाई और आपदा राहत से जुड़ा सामान लेकर काठमांडू के लिए रवाना हुआ। भारत इससे पहले भी नेपाल को राहत सामग्री की एक खेप भेज चुका है।
सी-17 विमान से भेजी गई 30 से 40 टन राहत सामग्री
भारतीय वायुसेना के मुताबिक, दूसरी उड़ान में करीब 30 से 40 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें आवश्यक दवाइयां, खाने के पैकेट और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) से जुड़ा जरूरी उपकरण शामिल है। सी-17 ग्लोबमास्टर के कमांडर कैप्टन एल. नायक ने बताया कि दिल्ली से काठमांडू की उड़ान में करीब एक घंटे 15 मिनट का समय लगेगा। विमान के लिए पर्याप्त ईंधन की व्यवस्था की गई है, ताकि मौसम या अन्य कारणों से काठमांडू में उतरने में देरी होने पर वह कुछ समय तक हवा में रह सके। आपात स्थिति के लिए भारत में दो वैकल्पिक एयरबेस भी तैयार रखे गए हैं।
पहली खेप में 10 टन सामान नेपाल पहुंचा
भारत ने बुधवार रात राहत अभियान के तहत सी-130जे हरक्यूलिस विमान से नेपाल को करीब 10 टन राहत सामग्री भेजी थी। यह विमान हिंडन एयरबेस से रात करीब 8:35 बजे काठमांडू के लिए रवाना हुआ और लगभग दो घंटे के भीतर नेपाल पहुंच गया। पहली खेप में दवाइयों, राहत सामग्री और जनरेटर समेत जरूरी सामान भेजा गया था। भारतीय वायुसेना ने बताया कि नागरिक प्रशासन और एनडीआरएफ के सहयोग से कम समय में राहत सामग्री को विमान में लोड किया गया और उसे नेपाल रवाना किया गया।
पीएम मोदी ने नेपाली पीएम से की बात
राहत अभियान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की थी। दोनों नेताओं के बीच नेपाल में बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव अभियानों को लेकर चर्चा हुई। बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि भारतीय टीमें बचाव एवं राहत प्रयासों में नेपाल के साथ समन्वय कर रही हैं।
जयशंकर बोले- नेपाल के साथ खड़ा है भारत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राहत अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) पहल के तहत नेपाल को जरूरी सामग्री और दवाइयां भेजी गई हैं। भारत की ओर से आने वाले दिनों में जरूरत के अनुसार और राहत सामग्री भेजे जाने की संभावना है। भारत प्राकृतिक आपदाओं के समय अपने पड़ोसी देशों की सहायता के लिए नियमित रूप से राहत अभियान चलाता रहा है। भारतीय वायुसेना ने नेपाल के अलावा म्यांमार, श्रीलंका और अन्य देशों में भी आपदा राहत अभियानों में भूमिका निभाई है।
और मदद के लिए तैयार भारतीय वायुसेना
हिंडन एयर फोर्स स्टेशन के एयर कमोडोर आर. डोभाल ने कहा कि भारतीय वायुसेना आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहती है। उन्होंने बताया कि जरूरत के मुताबिक और विमान तथा राहत सामग्री भेजी जा सकती है। भारत सरकार नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भी संबंधित पक्षों के संपर्क में है। मौजूदा हालात को देखते हुए राहत अभियान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। भारत ने स्पष्ट किया है कि नेपाल को राहत और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।


