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अहमदाबाद के आईकेडीआरसी ने रचा इतिहास, किडनी ट्रांसप्लांट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड

अहमदाबाद सिविल मेडिकल कैंपस में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिसीज एंड रिसर्च सेंटर यानी आईकेडीआरसी किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में देश का सबसे अग्रणी सरकारी अस्पताल बन गया है।

अहमदाबाद के आईकेडीआरसी ने रचा इतिहास, किडनी ट्रांसप्लांट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड
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अहमदाबाद। अहमदाबाद सिविल मेडिकल कैंपस में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिसीज एंड रिसर्च सेंटर यानी आईकेडीआरसी किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में देश का सबसे अग्रणी सरकारी अस्पताल बन गया है।

आईकेडीआरसी ने साल 2025 में 502 सफल किडनी प्रत्यारोपण कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, आईकेडीआरसी में कुल 157 कैडेवर ट्रांसप्लांट, 90 स्वैप ट्रांसप्लांट, 49 पीडियाट्रिक ट्रांसप्लांट और 43 रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट किए गए हैं। इनमें 170 ऐसे किडनी मरीज शामिल हैं, जो दूसरे राज्यों के थे।

आईकेडीआरसी के निदेशक डॉ. प्रांजल मोदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि इस साल हमने 502 किडनी और 86 लिवर ट्रांसप्लांट किए। इनमें से ज्‍यादातर ट्रांसप्लांट पीएमजेवाई योजना के तहत किए गए। करीब 170 मरीज दूसरे राज्‍यों से आए हैं। 332 मरीज गुजरात के हैं। सभी मरीजों को हमने एक तरह से उपचार किया है।

आईकेडीआरसी के हाइली क्वालिफाइड और एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम किडनी ट्रांसप्लांट में टेक्नोलॉजी का भी खूब इस्तेमाल कर रही है। आईकेडीआरसी के निदेशक और गुजरात प्रत्यारोपण विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. प्रांजल मोदी के मुताबिक, संस्थान में रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

डॉ. प्रांजल मोदी ने कहा कि इस साल से गुजरात सरकार ने रोबोटिक ट्रांसप्लांट भी मुफ्त कर लिया है। पिछले साल फरवरी में सीएम भूपेंद्र पटेल ने रोबोट का इनोगरेशन किया था। इससे हमने 43 रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट किए। इस साल उम्‍मीद है कि 150 के करीब रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट कर पाएंगे।

आईकेडीआरसी में समाज के कमजोर वर्गों को किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर फोकस किया जाता है। 2025 में कुल 318 प्रत्यारोपण अकेले आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत किए गए हैं। मरीजों और तीमारदारों के मुताबिक, यहां किडनी ट्रांसप्लांट नि:शुल्क होता।

किडनी मरीज के पिता राजाभाई गोगरा ने कहा कि इलाज के दौरान एक पैसा भी नहीं लगा है। सारे खर्च सरकार की तरफ से वहन किए गए। वहीं, साबरकांठा के किडनी मरीज अभिषेक कुशवाहा ने कहा कि सरकार हर वर्ग के लिए अच्‍छा काम कर रही है। इसके लिए पीएम और सीएम को धन्‍यवाद।

किडनी के साथ ही लिवर ट्रांसप्लांट में भी आईकेडीआरसी प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। 2025 में यहां कुल 86 लिवर ट्रांसप्लांट किए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित आईकेडीआरसी न केवल उन्नत चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है, बल्कि देश के दूसरे चिकित्सा संस्थानों के सामने उदाहरण पेश कर रहा है।


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