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सुखबीर सिंह बादल की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर संतोष के जज्बे को हरसिमरत कौर ने सराहा

महाराष्ट्र में हुए हमले में पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को बचाने वाले इंस्पेक्टर संतोष की बहादुरी लोकसभा सांसद और सुखबीर सिंह की पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने सराहना की है।

सुखबीर सिंह बादल की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर संतोष के जज्बे को हरसिमरत कौर ने सराहा
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चंडीगढ़। महाराष्ट्र में हुए हमले में पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को बचाने वाले इंस्पेक्टर संतोष की बहादुरी लोकसभा सांसद और सुखबीर सिंह की पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने सराहना की है।

लोकसभा सांसद और सुखबीर सिंह की पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने एक्स पर पोस्ट किया, "नांदेड़ में हुए हमले के दौरान सुखबीर सिंह बादल की जान बचाने में बहादुरी दिखाने के लिए मैं महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्र को सलाम करती हूं।"

हरसिमरत कौर ने आगे कहा, "संतोष, आप सुखबीर और हमलावर के बीच एक ढाल बनकर खड़े रहे और उनकी रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। ऐसा करके आपने हमें याद दिलाया कि वर्दी पहनने का असली मतलब क्या है। खुद से ऊपर अपनी ड्यूटी को रखना और डर से ऊपर हिम्मत को रखना। बादल परिवार आपके प्रति गहरा आभार व्यक्त करता है। आपकी बहादुरी को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। वाहेगुरु आपको जल्द स्वस्थ करें। साथ ही, यशोसाई अस्पताल के डॉक्टरों और पूरे स्टाफ का भी विशेष जिक्र करना चाहूंगी, जिन्होंने हमें सहारा देने के लिए लगातार सेवा की।"

दरअसल, गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ में माता साहिब कौर गुरुद्वारे में निहंग के वेश में आए एक हमलावर ने सुखबीर सिंह बादल पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब बादल शहर के बाहरी इलाके में स्थित हजूर साहिब क्षेत्र के माता साहिब गुरुद्वारे गए थे। अकाली दल प्रमुख पर कृपाण से हमला किया गया। स्थानीय अधिकारियों ने हमलावर की पहचान 62 वर्षीय जसपाल सिंह के तौर पर की है, जिसे मौके पर ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

सूत्रों के अनुसार, हमलावर ने बादल के पेट में चाकू घोंपने की कोशिश की थी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप किया और हमलावर को और गंभीर चोट पहुंचाने से रोक दिया। हमले के दौरान विशेष सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर संतोष केंद्र भी घायल हो गए। घटना के बाद रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में बादल को अपने दाहिने हाथ पर केसरिया कपड़ा लपेटे हुए चलते देखा गया। उनके हाथ और कंधे पर मामूली चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए यशोसाई अस्पताल ले जाया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की पूरी जांच के आदेश दिए हैं।

अकाली दल नेता पर यह पहला हमला नहीं है। 4 दिसंबर, 2024 को अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाहर उन पर जानलेवा हमले की कोशिश हुई थी, जिसमें वे बाल-बाल बच गए थे, जबकि बंदूकधारी को तुरंत काबू कर गिरफ्तार कर लिया गया था। उस समय, बादल स्वर्ण मंदिर में 'सेवादार' के तौर पर सेवा कर रहे थे। अकाल तख्त ने उन्हें और अकाली दल के कई अन्य नेताओं को पंजाब में 2007 से 2017 के बीच पार्टी के शासनकाल में हुई कथित गलतियों के लिए 'तनखाह' (धार्मिक दंड) सुनाई थी।



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