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गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव: गृहमंत्री अमित शाह और बेटे जय शाह ने परिवार के साथ किया मतदान

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 10,005 में से 9,263 सीटों पर रविवार सुबह 7 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक मतदान प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने गृहनगर पहुंचकर मतदान किया।

गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव: गृहमंत्री अमित शाह और बेटे जय शाह ने परिवार के साथ किया मतदान
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अहमदाबाद। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 10,005 में से 9,263 सीटों पर रविवार सुबह 7 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक मतदान प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने गृहनगर पहुंचकर मतदान किया।

अमित शाह अपने बेटे और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अहमदाबाद के नारायणपुरा स्थित उपक्षेत्रीय कार्यालय के बूथ नंबर 38 पर पहुंचे और अपना वोट डाला।

गृहमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "गुजरात में चल रहे नगर निकाय चुनावों के तहत अहमदाबाद नगर निगम चुनाव में अपना वोट डाला। सभी क्षेत्रवासी लोकतंत्र के इस पर्व में अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें।

वहीं, सूरत में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने 89 वर्षीय मां और परिवार के साथ भातर स्थित उत्तर गुजरात विद्यालय में मतदान किया। वोट डालने के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा, "गुजरात में आज स्थानीय निकाय चुनाव हो रहे हैं। मैंने अपने परिवार के साथ वोट डाला। मेरी मां ने भी मतदान में भाग लिया। मतदान करना एक अधिकार और कर्तव्य दोनों है।"

राज्य मंत्रिमंडल मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने अपने परिवार के साथ पोरबंदर जिले के अपने पैतृक गांव मोढवाडा में मतदान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मतदाताओं से ही शक्ति मिलती है। चुनाव में भाग लेना एक नागरिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा, “गांवों और शहरों के विकास में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नागरिकों को बड़ी संख्या में मतदान करना चाहिए।”

राज्यभर में नगर निगम अधिकारियों के मतदान में भाग लेने के दौरान राजकोट नगर आयुक्त तुषार सुमेरा ने भी अपने परिवार के साथ शहर के एक मतदान केंद्र पर अपना मत डाला। बरवाला में नगर पालिका, तालुका पंचायत, और जिला पंचायत सीटों के लिए मतदान जारी है। यहां स्वामीनारायण मंदिर के संतों ने भी मतदान किया। मोरबी में भाजपा विधायक दुर्लभजीभाई देथरिया ने मतदान किया।

इस चुनाव में पूरे गुजरात की 393 स्वशासनिक संस्थाएं (15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें) शामिल हैं, जो इसे एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया बनाती है। 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता हैं और लगभग 50,000 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल 9,992 स्थानीय प्रतिनिधियों का चुनाव हो रहा है। नाम वापस लेने के बाद 20,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि कई उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

यह चुनाव बहुकोणीय है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और निर्दलीय उम्मीदवार पूरे राज्य में चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा वर्तमान में अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट के नगर निगमों पर नियंत्रण रखती है, जो सभी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और व्यापक चुनावी परिदृश्य को प्रभावित करने की उम्मीद है।

यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए संशोधित आरक्षण नियमों के तहत हो रहा है, जिसमें 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। इन परिवर्तनों के लिए कई जिलों में व्यापक परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन की आवश्यकता पड़ी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए मौजूदा आरक्षण के साथ, इन सुधारों से गुजरात भर में स्थानीय प्रशासन निकायों को नया रूप देने की उम्मीद है।



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