फर्जी शादी कर कुंवारों को ठगने वाले गैंग का पर्दाफाश; पति-पत्नी समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने एक फर्जी शादी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को निशाना बनाकर फर्जी शादियां करवाता था और उनसे बड़ी रकम ठगता था।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक फर्जी शादी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को निशाना बनाकर फर्जी शादियां करवाता था और उनसे बड़ी रकम ठगता था।
गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के गुमला के रहने वाले लवली उर्फ ललिता व कमल लोहरा और दिल्ली के रघुबीर नगर के रहने वाले दीपू उर्फ राकेश एक्का शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब 18 जून को ख्याला थाने में लवली उर्फ ललिता नाम की महिला के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई थी। टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद ली, जिससे पता चला कि लापता महिला राजस्थान के पाली जिले में रह रही है। तेजी से कार्रवाई करते हुए टीम पाली जिले के तखतगढ़ पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां महिला का पता चल गया।
पूछताछ के दौरान लवली ने बताया कि उसकी शादी 18 साल पहले कमल लोहरा से हुई थी और उनके चार बच्चे हैं। उसने यह भी बताया कि वह अपने पति और साथियों, दीपू उर्फ राकेश एक्का, अंकित वर्मा, दीपिका और गोपाल के साथ मिलकर कुंवारे पुरुषों को निशाना बनाकर फर्जी शादी का रैकेट चला रही थी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने लवली को कुंवारी महिला बताकर 1 जून को राजस्थान के जालौर निवासी श्रवण वैष्णव से उसकी शादी करवाई थी। गिरोह ने पीड़ित से 6 लाख रुपए लिए और आपस में बांट लिए। अधिकारियों ने बताया कि शादी के बाद इस गिरोह की योजना ससुराल से नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर भागने की थी।
पीड़ित की शिकायत और जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर 29 जून को ख्याला पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों, लवली उर्फ ललिता, उसके पति कमल लोहरा और दीपू उर्फ राकेश एक्का को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर कबूल किया कि वे शादी के लिए तैयार दुल्हन के तौर पर शादीशुदा महिलाओं को पेश करके कुंवारे पुरुषों को निशाना बनाते थे, शादी के नाम पर पैसे इकट्ठा करते थे और बाद में नकदी और कीमती सामान लेकर भागने की योजना बनाते थे।
पुलिस ने कहा कि बाकी आरोपियों का पता लगाने और यह जानकारी जुटाने के लिए आगे की जांच चल रही है कि क्या यह गिरोह दूसरे राज्यों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी में शामिल था।


