अब WhatsApp पर मिलेगी PF खाते की पूरी जानकारी, बैलेंस से लेकर पासबुक तक की सुविधा शुरू
ईपीएफओ की 74वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर शुरू की गई इस सेवा का उद्देश्य संगठन की डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करना और सदस्यों को घर बैठे सेवाएं उपलब्ध कराना है। श्रम मंत्रालय ने बताया कि WhatsApp सेवा के जरिए सदस्य अपने पीएफ खाते का मौजूदा बैलेंस देख सकेंगे।

नई दिल्ली: EPFO WhatsApp Service: नौकरीपेशा कर्मचारियों और भविष्य निधि (PF) खाताधारकों के लिए राहत भरी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाने की दिशा में एक नई पहल की है। अब पीएफ खाते से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने के लिए सदस्यों को ईपीएफओ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp के माध्यम से ही खाते का बैलेंस, हाल के लेनदेन और पासबुक से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को ईपीएफओ की नई WhatsApp सेवा का शुभारंभ किया। यह सुविधा खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें पीएफ खाते से संबंधित छोटी-छोटी जानकारियों के लिए कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल का सहारा लेना पड़ता है। हालांकि, श्रम मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस सेवा के लिए पात्रता की विस्तृत शर्तें और WhatsApp पर उपलब्ध सभी सुविधाओं की पूरी सूची साझा नहीं की गई है।
ईपीएफओ की 74वीं वर्षगांठ पर शुरू हुई नई सुविधा
ईपीएफओ की 74वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर शुरू की गई इस सेवा का उद्देश्य संगठन की डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करना और सदस्यों को घर बैठे सेवाएं उपलब्ध कराना है। श्रम मंत्रालय ने बताया कि WhatsApp सेवा के जरिए सदस्य अपने पीएफ खाते का मौजूदा बैलेंस देख सकेंगे। इसके अलावा पिछले पांच लेनदेन और पासबुक से संबंधित जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। मंत्रालय के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने में भी सदस्यों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे योजना के लाभार्थियों को आवश्यक प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं को समझने में आसानी होगी।
घर बैठे ऐसे शुरू करें WhatsApp सेवा का इस्तेमाल
ईपीएफओ की नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए सदस्यों को कुछ आसान प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सबसे पहले उन्हें संगठन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्रीय कार्यालय का सत्यापित WhatsApp हेल्पलाइन नंबर देखना होगा। इसके बाद संबंधित नंबर को अपने मोबाइल में सेव करके WhatsApp पर बातचीत शुरू की जा सकती है। सदस्य इस नंबर पर 'Hello' लिखकर संदेश भेज सकते हैं। इसके बाद उपलब्ध विकल्पों के आधार पर आगे बढ़ते हुए अपने पीएफ खाते से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। क्षेत्रीय कार्यालयों के अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर होने के कारण सदस्यों को अपने संबंधित कार्यालय का ही नंबर इस्तेमाल करना होगा। ईपीएफओ ने इस व्यवस्था के जरिए सदस्यों और संगठन के बीच संवाद को आसान बनाने की कोशिश की है। इससे सामान्य पूछताछ के लिए कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि WhatsApp के माध्यम से निकासी, ट्रांसफर और अन्य सभी तरह के दावे भी किए जा सकेंगे या नहीं।
एक लाख निष्क्रिय पीएफ खातों का अपने आप होगा निपटान
WhatsApp सेवा के साथ ही श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने निष्क्रिय पीएफ खातों के निपटान के लिए एक और महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की। इसके तहत आधार से सत्यापित ऐसे निष्क्रिय खातों में जमा एक हजार रुपये तक की राशि का स्वत: निपटान किया जाएगा। इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पात्र खाताधारकों को अपनी जमा राशि प्राप्त करने के लिए अलग से दावा दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी। पहचान और बैंक खाते का निर्धारित सत्यापन पूरा होने के बाद ईपीएफओ स्वयं निपटान की प्रक्रिया शुरू करेगा। मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से लगभग एक लाख निष्क्रिय पीएफ खातों में जमा करीब पांच करोड़ रुपये की राशि संबंधित लाभार्थियों तक पहुंचने की उम्मीद है। लंबे समय से निष्क्रिय पड़े छोटे बैलेंस वाले खातों के निपटान में यह व्यवस्था मददगार साबित हो सकती है।
32 लाख करोड़ रुपये का कोष संभालता है ईपीएफओ
इस अवसर पर मनसुख मांडविया ने ईपीएफओ की वित्तीय स्थिति और उसके व्यापक सदस्य आधार का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आठ करोड़ से अधिक सदस्यों के योगदान से संगठन के पास लगभग 32 लाख करोड़ रुपये का कोष है। इतनी बड़ी संख्या में सदस्यों और विशाल वित्तीय कोष का प्रबंधन करने के लिए तकनीकी व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाना जरूरी है।
दावों के निपटान का समय घटकर 2.57 दिन हुआ
श्रम मंत्रालय ने ईपीएफओ की तकनीकी व्यवस्था में हुए सुधारों का भी जिक्र किया। मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में पीएफ दावों के निपटान का औसत समय घटकर 2.57 दिन रह गया। यह डिजिटल प्रक्रियाओं को मजबूत करने और सदस्यों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। कुल मिलाकर, WhatsApp सेवा, निष्क्रिय खातों के स्वत: निपटान और दावों के तेजी से निपटारे जैसी पहल से ईपीएफओ की सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में इन डिजिटल सुविधाओं का विस्तार होने से कर्मचारियों को अपने पीएफ खाते से जुड़ी सेवाओं के लिए कार्यालयों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।


