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मतदाता सूची पुनरीक्षण: एसआईआर में छूटे योग्य नागरिकों और नए युवा वोटरों का नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएगा भारत निर्वाचन आयोग

चुनाव आयोग (ईसीआई) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से छूट गए लोगों और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि जिन लोगों के नाम एसआईआर के दौरान या उसके बाद मतदाता सूची से छूट गए हैं, वे संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास आवेदन कर सकते हैं। इसमें युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाता भी शामिल हैं।

मतदाता सूची पुनरीक्षण: एसआईआर में छूटे योग्य नागरिकों और नए युवा वोटरों का नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएगा भारत निर्वाचन आयोग
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से छूट गए लोगों और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि जिन लोगों के नाम एसआईआर के दौरान या उसके बाद मतदाता सूची से छूट गए हैं, वे संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास आवेदन कर सकते हैं। इसमें युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाता भी शामिल हैं।

आयोग के मुताबिक, अब तक बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मतदाता सूची के निरंतर अद्यतन की प्रक्रिया के तहत छूटे हुए मतदाताओं के नाम शामिल किए जा सकते हैं। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को इस प्रक्रिया में सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही सीईओ, जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और ईआरओ को ऐसे मतदाताओं के पंजीकरण के लिए तत्काल विशेष अभियान शुरू करने को कहा गया है।

चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में आंतरिक कार्य आवंटन और एक अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों पर भी स्पष्टीकरण दिया है। आयोग ने कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखा गया पत्र आयोग या उसके आईटी विभाग से संबंधित किसी नीतिगत मामले को लेकर नहीं था, बल्कि निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।

आयोग के अनुसार, संबंधित अधिकारी की ओर से जारी कार्य पुनर्वितरण के आदेशों को दोनों निर्वाचन आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किया गया था। साथ ही, आईटी विभाग की निगरानी की जिम्मेदारी उप निर्वाचन आयुक्त से वास्तव में कभी वापस नहीं ली गई।

हलफनामे में कहा गया है कि देशभर में एसआईआर कराने का फैसला आयोग ने सर्वसम्मति से लिया था। बिहार से शुरू होकर पश्चिम बंगाल और अन्य 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर कराने का आदेश 24 जून 2025 को सर्वसम्मति से जारी किया गया था। आयोग ने बताया कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के आदेश के जरिए बरकरार रखा है।

आयोग के मुताबिक, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एसआईआर का कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2025 को, जबकि 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14 मई 2026 को सर्वसम्मति से जारी किया गया था। तीसरे चरण के शेष 12 राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही मतदाताओं की कुल संख्या का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा।

गोवा में छूटे हुए मतदाताओं को लेकर आयोग ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं से संपर्क करने और उनके फॉर्म एकत्र करने का निर्देश दिया है। कुल 97 छूटे हुए मतदाताओं में से 81 ने नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भर दिया है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि यह प्रेस नोट 26 सितंबर 2026 को हुई पूर्ण आयोग की बैठक में लिए गए फैसलों के अनुसार जारी किया गया है और इसे पूर्ण आयोग की मंजूरी प्राप्त है।



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