Top
Begin typing your search above and press return to search.

'धर्म संरक्षक' भारत और जापान की सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास

भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेजीएसडीएफ) ने संयुक्त युद्धाभ्यास 'धर्म संरक्षक' प्रारंभ किया है। 'धर्मा संरक्षक' एक खास सैन्य अभ्यास है जो अर्ध-शहरी वातावरण में किया जा रहा है

धर्म संरक्षक भारत और जापान की सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास
X

नई दिल्ली। भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेजीएसडीएफ) ने संयुक्त युद्धाभ्यास 'धर्म संरक्षक' प्रारंभ किया है। 'धर्मा संरक्षक' एक खास सैन्य अभ्यास है जो अर्ध-शहरी वातावरण में किया जा रहा है। यहां शत्रुतापूर्ण वातावरण में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया जाएगा। यहीं नहीं, दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई का अभ्यास करते हुए हेलीकॉप्टर आधारित अभियान चलाए जाएंगे।

सेनाएं दुश्मन के कब्जे वाले ठिकानों में हाउस इंटरवेंशन ड्रिल करेंगी। खुफिया निगरानी और टोही (आईएसआर) ग्रिड विकसित किया जाएगा। भारत व जापान की सेना मोबाइल वाहन चेक पोस्ट स्थापित करेगी। भारत व जापान के बीच वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'धर्म संरक्षक' का यह 7वां संस्करण है। यह अभ्यास मंगलवार को उत्तराखंड के चौबटिया स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में शुरू हुआ।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास 24 फरवरी से 9 मार्च तक चलेगा। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं से 120-120 सदस्यों का दल शामिल है। इसमें जम्मू-सैनिक सुरक्षा बल (जेजीएसडीएफ) की 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिक और लद्दाख स्काउट्स के सैनिक शामिल हैं। यह अभ्यास बारी-बारी से भारत और जापान में आयोजित किया जाता है।

रक्षा मंत्रालय का स्पष्ट कहना है कि यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है। 'धर्म संरक्षक' अभ्यास का उद्देश्य सैन्य सहयोग को मजबूत करना व संयुक्त क्षमताओं को बढ़ाना है। यह सहयोग व क्षमता वृद्धि अर्ध-शहरी वातावरण में संयुक्त अभियानों को अंजाम देने के लिए है।

अगले दो हफ्तों में यहां भाग लेने वाले जवान उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस हासिल करेंगे। संयुक्त योजना प्रक्रियाओं को परिष्कृत करेंगे और सामरिक अभ्यासों को समन्वित करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह संयुक्त अभ्यास आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग, अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने और समकालीन परिचालन पहलुओं पर आधारित है। अभ्यास के दौरान प्रमुख सामरिक गतिविधियों में एक अस्थायी परिचालन आधार की स्थापना भी की जाएगी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it