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दिल्ली से पटना अब साढ़े 4 घंटे में! प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जुड़ेंगे यूपी-बिहार के बड़े शहर

प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी होते हुए पटना तक जाएगा। इस रूट की कुल लंबाई करीब 1,170 किलोमीटर होगी। सरकार के अनुमान के मुताबिक हाई-स्पीड ट्रेनें इस दूरी को मौजूदा रेल सेवाओं की तुलना में काफी कम समय में पूरा करेंगी।

दिल्ली से पटना अब साढ़े 4 घंटे में! प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जुड़ेंगे यूपी-बिहार के बड़े शहर
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नई दिल्ली: दिल्ली से पटना की करीब 1,170 किलोमीटर की दूरी भविष्य में महज साढ़े चार घंटे में तय की जा सकेगी। केंद्र सरकार प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए दिल्ली को उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों से जोड़ने की तैयारी में है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को इस प्रस्तावित कॉरिडोर से जुड़ी यात्रा अवधि और रूट की जानकारी साझा की। परियोजना के आकार लेने के बाद दिल्ली से लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और पटना जैसे शहरों तक तेज और सुविधाजनक रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली से पटना तक कौन-कौन से शहर जुड़ेंगे?

प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी होते हुए पटना तक जाएगा। इस रूट की कुल लंबाई करीब 1,170 किलोमीटर होगी। सरकार के अनुमान के मुताबिक हाई-स्पीड ट्रेनें इस दूरी को मौजूदा रेल सेवाओं की तुलना में काफी कम समय में पूरा करेंगी। इस कॉरिडोर पर दिल्ली से आगरा की करीब 200 किलोमीटर दूरी लगभग 58 मिनट में तय होने का अनुमान है। वहीं दिल्ली से कानपुर की करीब 455 किलोमीटर की यात्रा लगभग एक घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकती है।

दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे 12 मिनट में

प्रस्तावित परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा दिल्ली-लखनऊ कनेक्टिविटी होगी। करीब 495 किलोमीटर की दूरी हाई-स्पीड ट्रेन से लगभग 2 घंटे 12 मिनट में पूरी होने का अनुमान है। इसके बाद दिल्ली से प्रयागराज की करीब 750 किलोमीटर दूरी लगभग तीन घंटे में तय की जा सकेगी। इसी तरह दिल्ली से वाराणसी की करीब 945 किलोमीटर की दूरी लगभग 3 घंटे 33 मिनट में पूरी होने का अनुमान है। सबसे आगे पटना होगा, जहां दिल्ली से करीब साढ़े चार घंटे में पहुंचने की योजना है।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

रेल मंत्री के मुताबिक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर सिर्फ यात्रियों के सफर का समय कम करने तक सीमित नहीं रहेगा। इससे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। तेज कनेक्टिविटी से कारोबार, रोजगार, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को भी फायदा हो सकता है। आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और पटना देश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक केंद्र हैं। बेहतर रेल संपर्क से इन शहरों में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही दिल्ली और इन शहरों के बीच नियमित आवागमन करने वाले लोगों के लिए भी यात्रा आसान हो सकती है।

देश का दूसरा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर होगा

प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी-पटना कॉरिडोर देश की दूसरी बड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना होगी। फिलहाल देश का पहला हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर मुंबई-अहमदाबाद के बीच निर्माणाधीन है। इस परियोजना में जापानी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसकी डिजाइन गति 350 किलोमीटर प्रति घंटा है। मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब एक घंटे 58 मिनट तक सिमटने का अनुमान है। इसकी पहली सेवा अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआती चरण में सूरत से वापी के बीच हाई-स्पीड ट्रेन सेवा शुरू करने की योजना बताई गई है।

वंदे भारत से कई गुना तेज होगी रफ्तार

वर्तमान में भारतीय रेलवे की प्रमुख सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन सेवा वंदे भारत है। इसकी डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है, हालांकि परिचालन गति अलग-अलग मार्गों पर इससे कम रहती है। इसके मुकाबले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर प्रस्तावित ट्रेनों की रफ्तार काफी अधिक होगी। दिल्ली-पटना कॉरिडोर अभी प्रस्तावित परियोजना है और इसके निर्माण, समयसीमा तथा अंतिम संचालन को लेकर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि योजना निर्धारित रूप में आगे बढ़ती है, तो दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच रेल यात्रा के स्वरूप में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

रूट अवधि


- दिल्ली से आगरा----- 58 मिनट

- दिल्ली से कानपुर---- 1 घंटा 50 मिनट

- दिल्ली से लखनऊ---- 2 घंटे 12 मिनट

- दिल्ली से प्रयागराज---- तीन घंटे

- दिल्ली से बनारस---- 3 घंटे 33 मिनट

- दिल्ली से पटना----- 4.5 घंटे



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