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भारत-आर्मेनिया रक्षा वार्ता: रक्षा सचिव और आर्मेनिया के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ ने सैन्य सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा

भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने आर्मेनिया के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। दरअसल भारत और आर्मेनिया के रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। अब यह वार्ता इन संबंधों को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में एक और अहम पहल है।

भारत-आर्मेनिया रक्षा वार्ता: रक्षा सचिव और आर्मेनिया के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ ने सैन्य सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा
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नई दिल्ली। भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने आर्मेनिया के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। दरअसल भारत और आर्मेनिया के रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। अब यह वार्ता इन संबंधों को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में एक और अहम पहल है।

माना जा रहा है कि नई दिल्ली में हुई रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह व आर्मेनिया के जनरल स्टाफ प्रमुख के बीच यह बैठक काफी सकारात्मक रही। वार्ता के दौरान दोनों देशों ने मिलकर रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। खास तौर पर सैन्य प्रशिक्षण, सेनाओं की क्षमताओं को बढ़ाने और उन्हें आधुनिक बनाने जैसे मुद्दों पर फोकस किया गया।

भारत ने इस मौके पर एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में अपनी भूमिका को दोहराया। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया कि वह आर्मेनिया को आधुनिक और उन्नत रक्षा उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। यह बातचीत दिखाती है कि भारत और आर्मेनिया के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश अब सिर्फ सामान्य सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई तकनीक और आधुनिक रक्षा सिस्टम के क्षेत्र में भी साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहते हैं।

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने भी आर्मेनिया के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान के साथ विस्तृत चर्चा की है। नई दिल्ली में आगमन पर लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान का औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों का प्रतीक है।

बैठक के दौरान भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने सैन्य हार्डवेयर के विकास में संयुक्त उपक्रमों की संभावनाओं पर भी विचार किया। यह चर्चा इस बात का संकेत है कि दोनों देश भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत और पारस्परिक रूप से लाभकारी रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाना चाहते हैं।

इस दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का भी दौरा किया। वहां उन्होंने ‘इटरनल फ्लेम’ पर पुष्पांजलि अर्पित कर भारतीय सशस्त्र बलों के शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी। यह श्रद्धांजलि दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती, सम्मान और साझा मूल्यों को दर्शाती है।



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