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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद और पूर्व विधायक गिरफ्तार, जबरन वसूली-भ्रष्टाचार के आरोप

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दो नेताओं को पुलिस ने अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया है। इनमें कोलकाता नगर निगम के एक मौजूदा पार्षद और पार्टी के एक पूर्व विधायक शामिल हैं। दोनों पर जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और अन्य आरोप हैं।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद और पूर्व विधायक गिरफ्तार, जबरन वसूली-भ्रष्टाचार के आरोप
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दो नेताओं को पुलिस ने अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया है। इनमें कोलकाता नगर निगम के एक मौजूदा पार्षद और पार्टी के एक पूर्व विधायक शामिल हैं। दोनों पर जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और अन्य आरोप हैं।

शनिवार को गिरफ्तार किए गए पार्षद का नाम बप्पादित्य दासगुप्ता है, जो केएमसी के वार्ड नंबर 101 से पार्षद हैं। उन्हें पटुली थाने की पुलिस ने जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस जब उन्हें थाने लेकर पहुंची तो वहां मौजूद लोगों की भीड़ ने उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए।

बप्पादित्य दासगुप्ता पहले भाजपा से जुड़े हुए थे। वर्ष 2010 में उन्होंने पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की मदद से तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा। 2015 में उपचुनाव जीतकर वे पहली बार पार्षद बने और 2021 के नगर निगम चुनाव में दोबारा जीत हासिल करने के बाद केएमसी में तृणमूल पार्षदों के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बनाए गए।

उन पर आरोप है कि 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद उनके करीबी लोगों ने कई भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ की थी। भाजपा नेताओं का दावा है कि चुनाव बाद हुई हिंसा में दासगुप्ता समेत कई अन्य तृणमूल नेता भी शामिल थे। इसके अलावा स्थानीय लोगों से मकान निर्माण की अनुमति दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप भी उन पर लगे हैं।

एक अन्य मामले में, पश्चिम मिदनापुर जिले की मेदिनीपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को शनिवार रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उन्हें जिले के एक रेलवे स्टेशन से उस समय पकड़ा गया जब वे कथित तौर पर वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस का कहना है कि सुजॉय हाजरा 4 मई से फरार चल रहे थे। उनके खिलाफ जमीन कब्जाने, जबरन वसूली और अन्य मामलों में कई शिकायतें दर्ज हैं।

जिले की पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने बताया, ''पुलिस लगातार सुजॉय हाजरा की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। वे काफी समय से छिपे हुए थे। उनके खिलाफ जमीन कब्जाने और जबरन वसूली सहित कई आरोप हैं। जांच के लिए उन्हें सालबनी थाने में बुलाया गया था। बाद में उन्हें खड़गपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की जांच जारी है।''

पुलिस ने कहा कि दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।



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