कॉकरेच जनता पार्टी का इंटरनेट पर तूफान, युवाओं के गुस्से और व्यंग्य का नया डिजिटल प्रतीक बनी CJP, इस पर क्या कह रहे भारत के नेता?
CJP को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस हो रही है। कोई इसे युवाओं की नाराजगी का प्रतीक बता रहा है तो कोई इसे मौजूदा राजनीति के प्रति बढ़ते अविश्वास की डिजिटल अभिव्यक्ति मान रहा है।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party-CJP) नाम का एक डिजिटल संगठन तेजी से चर्चा में है। व्यंग्य और राजनीतिक असंतोष के मिश्रण के रूप में उभरी इस ऑनलाइन पहल ने खासकर युवाओं के बीच बड़ी लोकप्रियता हासिल कर ली है। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या कुछ ही दिनों में करोड़ों तक पहुंच गई, जबकि एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अकाउंट बंद होने के बाद भी संगठन ने नए नाम से वापसी कर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी। CJP को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस हो रही है। कोई इसे युवाओं की नाराजगी का प्रतीक बता रहा है तो कोई इसे मौजूदा राजनीति के प्रति बढ़ते अविश्वास की डिजिटल अभिव्यक्ति मान रहा है।
इंस्टाग्राम पर रिकॉर्ड फॉलोअर्स, बड़े दलों को पीछे छोड़ा
कॉकरोच जनता पार्टी का इंस्टाग्राम अकाउंट बेहद तेजी से लोकप्रिय हुआ। शुक्रवार सुबह तक इसके फॉलोअर्स करीब 1.96 करोड़ तक पहुंच गए। बताया जा रहा है कि महज 24 घंटे के भीतर इसके फॉलोअर्स लगभग दोगुने हो गए। सोशल मीडिया पर चर्चा इस बात को लेकर भी है कि फॉलोअर्स के मामले में CJP कई स्थापित राजनीतिक दलों से आगे निकलती दिखाई दी। यही वजह है कि यह संगठन अब केवल एक इंटरनेट मीम या व्यंग्य मंच नहीं रह गया, बल्कि राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक करने की कोशिश भी की गई। हालांकि उन्होंने कहा कि संगठन सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता जारी रखेगा।
कैसे शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ट्रेंड
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत पिछले सप्ताह हुई थी। इसकी पृष्ठभूमि में एक विवादित टिप्पणी को माना जा रहा है। दरअसल, एक सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने एक वकील को फटकार लगाते हुए “परजीवी” और “कॉकरोच” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और इसके बाद युवाओं ने इसे व्यंग्य और प्रतिरोध के प्रतीक की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इसी माहौल में अभिजीत दिपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया। हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और संदर्भ से काटकर वायरल किया गया। बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार ट्रेंड करता रहा।
X अकाउंट बंद, फिर ‘Cockroach is Back’ के साथ वापसी
गुरुवार को CJP का एक्स अकाउंट अचानक ब्लॉक कर दिया गया। उस समय पुराने अकाउंट पर लगभग 1.93 लाख फॉलोअर्स थे। अकाउंट बंद होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर नई बहस शुरू हो गई। इसके कुछ ही समय बाद संगठन ने ‘Cockroach is Back’ नाम से नया एक्स अकाउंट बना लिया। अकाउंट की बायो में लिखा गया— “Cockroaches don’t die” यानी “कॉकरोच मरते नहीं।” नए अकाउंट को भी कम समय में बड़ी संख्या में फॉलोअर्स मिलने लगे और देखते ही देखते यह फिर ट्रेंड करने लगा। इससे समर्थकों ने इसे “डिजिटल प्रतिरोध” का प्रतीक बताना शुरू कर दिया।
शशि थरूर बोले- यह युवाओं के मूड का संकेत
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने CJP की लोकप्रियता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश के युवाओं के बदलते मिजाज को दिखाता है। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में करोड़ों लोगों का किसी व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन से जुड़ना सामान्य घटना नहीं है। थरूर ने एक्स अकाउंट बंद किए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी बात कहने का मंच मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, असहमति, व्यंग्य और नाराजगी भी लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही यह आंदोलन भविष्य में किस दिशा में जाएगा, यह कहना अभी मुश्किल है, लेकिन यह साफ है कि युवा वर्ग राजनीतिक व्यवस्था से संवाद करना चाहता है।
युवाओं की आवाज या इंटरनेट ट्रेंड?
इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के युवा विधायक अर्जुन सिंह चौटाला ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी सवाल पूछ रही है और यही लोकतंत्र की असली ताकत है। उनके अनुसार, युवाओं को “आलसी” या “बेकार” कहकर खारिज करना सही नहीं है। वहीं कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक्स अकाउंट बंद किए जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “नोटबंदी और वोटबंदी के बाद अब कॉकरोच बंदी” लागू कर दी गई है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताया।
प्रियंका चतुर्वेदी ने विपक्ष के लिए बताया चेतावनी संकेत
शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने CJP की लोकप्रियता को मौजूदा विपक्षी राजनीति के लिए चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि Gen Z यानी युवा पीढ़ी का किसी काल्पनिक डिजिटल संगठन की ओर आकर्षित होना इस बात का संकेत है कि वे पारंपरिक विपक्षी दलों से निराश हो रहे हैं। उनके मुताबिक, युवाओं में सरकार के प्रति नाराजगी तो है, लेकिन वे मौजूदा विपक्षी दलों को भी अपने विकल्प के रूप में पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को युवाओं की सोच और अपेक्षाओं को नए तरीके से समझना होगा।
डिजिटल राजनीति का नया चेहरा बनता CJP
कॉकरोच जनता पार्टी फिलहाल एक औपचारिक राजनीतिक दल नहीं है, लेकिन इसकी लोकप्रियता ने यह संकेत जरूर दिया है कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन या प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है। युवा अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी राजनीतिक नाराजगी, व्यंग्य और असहमति को नए रूप में सामने ला रहे हैं। CJP का उभार यह भी दिखाता है कि इंटरनेट पर पैदा होने वाले ट्रेंड अब सीधे राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करने लगे हैं। आने वाले समय में यह आंदोलन कितना आगे जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि इसने पारंपरिक राजनीति और युवाओं के बीच बढ़ती दूरी को जरूर उजागर कर दिया है।


