केरल में ED का बड़ा एक्शन: वीणा विजयन और CMRL मामले में ताबड़तोड़ छापेमारी; भारी मात्रा में FD और निवेश के दस्तावेज जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई केरल हाईकोर्ट द्वारा कंपनी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच को बरकरार रखने के बाद की गई।

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई केरल हाईकोर्ट द्वारा कंपनी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच को बरकरार रखने के बाद की गई।
छापेमारी के दौरान ईडी ने निवेश और बैंक एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन दस्तावेजों की फिलहाल धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही जांच में पड़ताल की जा रही है।
ईडी की यह कार्रवाई सीएमआरएल के शीर्ष अधिकारियों और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़े परिसरों पर की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, कन्नूर, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु में कंपनी के प्रबंध निदेशक एस.एन. शशिधरन कर्ता, संयुक्त प्रबंध निदेशक सरन एस. कार्था और वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई।
सूत्रों के अनुसार, ईडी को सूचना मिली थी कि तलाशी के समय वीणा विजयन तिरुवनंतपुरम स्थित एक आवास पर अपने पिता पिनराई विजयन के साथ मौजूद थीं।
यह मामला जनवरी 2019 में आयकर विभाग द्वारा सीएमआरएल पर की गई छापेमारी से जुड़ा है। उस दौरान कंपनी के खातों में करीब 130 करोड़ रुपये के कथित फर्जी खर्च दर्ज होने का मामला सामने आया था। बाद में कंपनी ने आयकर निपटान आयोग के समक्ष इन अनियमितताओं को स्वीकार भी किया था।
इसके बाद कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के निर्देश पर गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने जांच शुरू की।
3 अप्रैल 2025 को एसएफआईओ ने एर्नाकुलम की अतिरिक्त सत्र अदालत-7 में कथित कॉरपोरेट धोखाधड़ी मामले में ससीधरन कार्था समेत 12 अन्य लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की थी।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि 15 वर्षों में करीब 182 करोड़ रुपये के फर्जी नकद खर्च दिखाए गए। साथ ही, सीएमआरएल ने कार्था परिवार की कंपनियों को परिवहन सेवाओं के नाम पर लगभग 91 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
एसएफआईओ ने यह भी आरोप लगाया कि वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर सीएमआरएल से 2.78 करोड़ रुपये मिले।
26 मई 2026 को केरल हाई कोर्ट ने ईडी जांच को चुनौती देने वाली सीएमआरएल की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि पीएमएलए जांच के शुरुआती चरण में आधारभूत अपराध (प्रेडिकेट ऑफेंस) अनिवार्य नहीं है और एसएफआईओ की शिकायत अब अधिनियम के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आती है।


