Top
Begin typing your search above and press return to search.

CBSE पोर्टल पर हुआ था साइबर अटैक, 50 छात्रों ने की सिस्टम में हेराफेरी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल के भुगतान तंत्र पर कथित साइबर हस्तक्षेप हुआ, जिसके कारण कुछ छात्रों को अनधिकृत रूप से सिस्टम तक पहुंच मिलने की बात सामने आई है।

CBSE पोर्टल पर हुआ था साइबर अटैक, 50 छात्रों ने की सिस्टम में हेराफेरी
X

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। पहले मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे, फिर कुछ छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी में पन्ने गायब होने की शिकायत की। अब पुनर्मूल्यांकन (री-वैल्यूएशन) पोर्टल से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है, जिसने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल के भुगतान तंत्र पर कथित साइबर हस्तक्षेप हुआ, जिसके कारण कुछ छात्रों को अनधिकृत रूप से सिस्टम तक पहुंच मिलने की बात सामने आई है। हालांकि बोर्ड की ओर से इस संबंध में विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सरकारी सूत्रों के हवाले से कई जानकारियां सामने आई हैं।

पहले भी उठ चुके हैं तकनीकी सुरक्षा पर सवाल

हाल के दिनों में सीबीएसई की डिजिटल व्यवस्था को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। कुछ समय पहले एक 19 वर्षीय युवक ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उसने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल को हैक कर लिया है। हालांकि बाद में सीबीएसई ने स्पष्ट किया था कि संबंधित पोर्टल वास्तविक नहीं बल्कि डमी पोर्टल था और उससे किसी आधिकारिक डेटा को नुकसान नहीं पहुंचा। इसके बावजूद इस घटना ने बोर्ड की ऑनलाइन प्रणालियों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी थी। अब पुनर्मूल्यांकन पोर्टल से जुड़ी नई जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।

भुगतान प्रणाली में आई कथित गड़बड़ी

सूत्रों के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन पोर्टल के भुगतान गेटवे में तकनीकी छेड़छाड़ या साइबर हस्तक्षेप के संकेत मिले हैं। बताया गया है कि लगभग 50 छात्रों को किसी न किसी रूप में अनधिकृत पहुंच प्राप्त हुई थी। जानकारी के मुताबिक, भुगतान गेटवे एक बैंकिंग सेवा से जुड़ा था और इसी स्तर पर समस्या सामने आई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह तकनीकी त्रुटि थी या जानबूझकर की गई हेराफेरी।

आवेदन शुल्क में दिखने लगी अलग-अलग राशि

इस कथित गड़बड़ी का सबसे अधिक असर आवेदन शुल्क पर देखने को मिला। सामान्य रूप से उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए निर्धारित शुल्क 100 रुपये रखा गया था, जिसे पहले की 700 रुपये की फीस से कम किया गया था। लेकिन कुछ छात्रों के पोर्टल पर शुल्क की राशि असामान्य रूप से बदलती हुई दिखाई दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कहीं शुल्क केवल 1 रुपये दिखाई दिया तो कहीं यह बढ़कर 67,000 से 68,000 रुपये तक पहुंच गया। इससे छात्रों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव सामान्य तकनीकी त्रुटि जैसा नहीं लग रहा था और कुछ मामलों में सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई गई है।

करीब 50 मामलों में सामने आई समस्या

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगभग 50 छात्रों के आवेदन और भुगतान से जुड़े मामलों में असामान्य गतिविधियां दर्ज की गईं। अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या उसी समय सामने आई जब पोर्टल को सार्वजनिक उपयोग के लिए सक्रिय किया गया था। बताया जा रहा है कि कुछ समय के लिए पोर्टल की कार्यप्रणाली भी प्रभावित रही। तकनीकी टीम ने इन मामलों की जांच शुरू कर दी है और संबंधित लेनदेन तथा लॉग रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है।

पुनर्मूल्यांकन आवेदन की नई तारीख घोषित

इस बीच पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए सीबीएसई ने महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। पहले यह माना जा रहा था कि पुनर्मूल्यांकन और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के लिए आवेदन पोर्टल 29 मई को खोला जाएगा, लेकिन अब बोर्ड ने नई तारीख घोषित की है। सीबीएसई के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन पोर्टल अब 1 जून से उपलब्ध होगा। बोर्ड का कहना है कि इस अतिरिक्त समय का उपयोग तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

छात्रों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी

बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं के समाधान के लिए सहायता व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। किसी भी प्रकार की शिकायत, तकनीकी दिक्कत या परिणाम से संबंधित जानकारी के लिए छात्र सीबीएसई की टेली-काउंसलिंग हेल्पलाइन 1800 11 8004 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा बोर्ड ने ईमेल के माध्यम से भी सहायता उपलब्ध कराई है। छात्र अपनी समस्याएं और प्रश्न [email protected] पर भेज सकते हैं।

पारदर्शिता और सुरक्षा पर रहेगा फोकस

सीबीएसई का कहना है कि मूल्यांकन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। बोर्ड यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि सभी छात्रों को निष्पक्ष और सुरक्षित ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हों। पुनर्मूल्यांकन पोर्टल से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी, लेकिन फिलहाल बोर्ड तकनीकी सुरक्षा और प्रक्रिया की विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it