मेरठ में CBI की बड़ी कार्रवाई: रिश्वत मामले में कैंट बोर्ड का मनोनीत सदस्य गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के मेरठ छावनी बोर्ड के एक मनोनीत सदस्य को रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया।

मेरठ। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के मेरठ छावनी बोर्ड के एक मनोनीत सदस्य को रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया।अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को यह गिरफ्तारी तब हुई, जब सीबीआई ने आरोपी को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी की पहचान सतीश कुमार शर्मा के रूप में हुई है।
जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि सीबीआई ने 29 मई को उक्त आरोपी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया। आरोप है कि आरोपी ने गांधी बाग, मेरठ कैंट, यूपी में पार्किंग, कैंटीन और प्रवेश शुल्क के टेंडर को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए 3,00,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी। यह टेंडर शिकायतकर्ता की मां द्वारा संचालित एक निजी फर्म को दिया गया था।
एजेंसी ने बताया कि सीबीआई ने 29 मई को एक जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से 3,00,000 रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश की सक्षम अदालत में पेश किया जा रहा है। जांचकर्ताओं ने आगे बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में और जानकारी का इंतजार है।
इस महीने की शुरुआत में सीबीआई ने 6,000 रुपए की रिश्वत के एक मामले में सीजीएसटी मेरठ के एक अधीक्षक और अधीक्षक के कार्यालय में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान संजय मीणा और यश शर्मा के रूप में हुई।
एक बयान में कहा गया है कि सीबीआई ने सीजीएसटी कार्यालय, रेंज-I, मेरठ (यूपी) में कार्यरत आरोपी अधीक्षक के कार्यालय में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एक मामला दर्ज किया। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता को जारी किए गए 'कारण बताओ नोटिस' को रद्द करवाने के लिए आरोपी अधीक्षक की ओर से 6,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई ने एक जाल बिछाया और आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर को सीजीएसटी मेरठ के अधीक्षक की ओर से रिश्वत की रकम मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके बाद दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया।


