Top
Begin typing your search above and press return to search.

कानपुर में बीएसएफ कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा, उम्मीदवारों की री-एग्जाम की मांग

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीएसएफ हेड कांस्टेबल मिनिस्ट्रियल (बीएसएफ एचसीएम) भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा हुआ है। तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई और 18 सितंबर को पुनर्निर्धारित की गई है।

कानपुर में बीएसएफ कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा, उम्मीदवारों की री-एग्जाम की मांग
X

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीएसएफ हेड कांस्टेबल मिनिस्ट्रियल (बीएसएफ एचसीएम) भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा हुआ है। तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई और 18 सितंबर को पुनर्निर्धारित की गई है।

गाजीपुर जिले के रहने वाले आलोक यादव ने बात करते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान बार-बार सर्वर डाउन हो रहा था। इसके अतिरिक्त, 1 घंटा 40 मिनट की परीक्षा में कम से कम 5 बार इनविजिलेटरों ने परीक्षार्थियों को परेशान किया। इसका वीडियो भी अभ्यर्थियों के पास मौजूद है। इन सबके बाबजूद छात्रों को नोटिस नहीं दिया जा रहा है कि यह परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी या नहीं। इसी को लेकर हमलोग प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, कुछ देर के प्रदर्शन के बाद ये लोग आनन-फानन में हमलोग के सामने एक झूठा नोटिस लेकर आते हैं, जिसके बारे में नहीं बताया जा सकता है कि यह सही है या गलत।

उन्होंने बताया कि इस भर्ती परीक्षा का पेपर पिछले 2 वर्षों से अटका हुआ था। आए दिन हम अपने फोन में ऐसा नोटिस देखते रहते हैं। 2 वर्ष पहले इसका फिजिकल हुआ था और बार-बार मोबाइल में इसके पेपर होने का नोटिस आ रहा था। अंततः दो वर्ष बाद पेपर के आयोजन का पता चला और बहुत ही मुश्किलों से हम लोग बारिश में केंद्र तक पहुंचे, जिसके बाद यह स्थिति रही।

आलोक यादव ने कहा कि इस व्यवस्था को लेकर हम लोग मानसिक रूप से कितने परेशान हैं, यह सिस्टम को नजर नहीं आता। अगर हम गलती से इनके खिलाफ कुछ कर दें, तो ये लोग हमारे खिलाफ एफआईआर दर्ज कर देते हैं, लेकिन परीक्षा के दौरान इनकी तरफ से जो कमी और गलती रही है, उस पर क्या एक्शन होगा? छात्रों ने बिना किसी परेशानी के परीक्षा के दोबारा आयोजन की मांग की है।

एक अन्य उम्मीदवार प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि वह देवरिया जिले से आए हैं और उनका पेपर तीसरे शिफ्ट में था। हमारी सरकार से यही मांग है कि परीक्षा दोबारा पारदर्शी तरीके से कराई जाए और ऑफिशियल तारीख की घोषणा की जाए। इसी के साथ ऐसे इंस्टीट्यूट का लाइसेंस रद्द किया जाए, जहां इस प्रकार की व्यवस्था है।

इटावा से आए एक अन्य छात्र दिग्विजय सिंह ने कहा कि छात्रों का केंद्र पर रिपोर्ट करने का समय सुबह 7.30 बजे तय किया गया था, लेकिन स्टाफ खुद 7.30 बजे आए, जिसकी वजह से उम्मीदवारों का वेरिफिकेशन परीक्षा शुरू होने तक चला है। सुबह 9 बजे से पहली शिफ्ट का पेपर था और तब तक उम्मीदवारों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया ही चली है। इसके अलावा, कई कैंडिडेट्स के साथ ऐसा हुआ है कि उन्हें जो कंप्यूटर अलॉट हुआ, वह चल नहीं रहा था। अभ्यर्थियों को बार-बार एक से दूसरी सीट पर भेजा जा रहा था।

उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान लगभग एक घंटे तक कंप्यूटर चला। इसके बाद लगभग सभी का बंद हो गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस पेपर को दोबारा सही तरीके से कराया जाए और परीक्षा की तारीख की आधिकारिक घोषणा की जाए। जब तक री-एग्जाम की तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, हम यहां से कहीं नहीं जाएंगे।



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it