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बीपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ पटना में प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी, लिए गए हिरासत में

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ शनिवार को राजधानी पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने राजभवन मार्च के दौरान जोरदार प्रदर्शन किया।

बीपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ पटना में प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी, लिए गए हिरासत में
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पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ शनिवार को राजधानी पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने राजभवन मार्च के दौरान जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग को लेकर गांधी मैदान से आवाज बुलंद की। प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। गांधी मैदान से लेकर जेपी गोलंबर और लोक भवन की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी।

प्रदर्शनकारियों की संख्या की तुलना में मौके पर पुलिसकर्मियों की संख्या अधिक नजर आई। बताया गया कि भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता गांधी मैदान से नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने और उसके ऊपर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर कुछ कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों से हाथापाई हो गई। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के कारण मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा की न्यायिक जांच, बीपीएससी अध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बिहार की सभी भर्तियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने और बीएसएससी प्लस-टू संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा सहित सभी परीक्षाओं को जल्द पूरा कराने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने अति पिछड़ा, दलित एवं अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अत्याचार, शोषण, बलात्कार और हत्या की घटनाओं पर भी तत्काल कार्रवाई की मांग की। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए ऑनलाइन प्राथमिकी की व्यवस्था तथा अत्याचार निवारण कानून को और प्रभावी बनाने की मांग भी की गई।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “यह प्रशासन की दमनकारी नीति है कि हम लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। हम अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।” प्रदर्शनकारियों ने धरना पर बैठने की बात करते हुए कहा कि बिहार की समस्याओं के समाधान और अपनी मांगों को लेकर वे धरने पर डटे रहेंगे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘जय भीम’ के नारे भी लगाए।



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