बिहार में 23 पुलों की हालत खराब, 50 की सामान्य मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की जरूरत, जांच में हुआ खुलासा
बिहार में 23 पुलों की हालत खराब है, जबकि 50 पुलों में सामान्य मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता बताई गई है। प्रदेश भर की पुलों की जांच के बाद यह बात सामने आई है। सरकार अब इसे लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने शनिवार को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले 60 मीटर से अधिक लंबाई के पुलों की सुरक्षा एवं वर्तमान स्थिति से जांच रिपोर्ट की एक उच्च स्तरीय समीक्षा की।

पटना। बिहार में 23 पुलों की हालत खराब है, जबकि 50 पुलों में सामान्य मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता बताई गई है। प्रदेश भर की पुलों की जांच के बाद यह बात सामने आई है। सरकार अब इसे लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने शनिवार को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले 60 मीटर से अधिक लंबाई के पुलों की सुरक्षा एवं वर्तमान स्थिति से जांच रिपोर्ट की एक उच्च स्तरीय समीक्षा की।
इस समीक्षा बैठक में विभाग के वरीय अभियंता एवं बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के पदाधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्यभर में 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले कुल 638 पुलों को चिह्नित कर सभी पुलों की जांच की गई है। पश्चिम चंपारण में 49, पटना में 36, मुजफ्फरपुर में 39, अररिया में 38, पूर्णिया में 27, किशनगंज में 37, कटिहार में 36, सुपौल में 35, पूर्वी चम्पारण में 30, दरभंगा में 29, गया में 25, नवादा में 20, जमुई में 16 एवं सहरसा में 19 सहित कुल 638 पुलों की गहन जांच की गई है।
जांच में कुल 23 पुल गंभीर स्थिति में पाए गए हैं, जिनमें से 10 पुलों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। 5 क्रिटिकल स्थानों पर नए ब्रिज बनाए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल चार पुलों पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर केवल छोटी और हल्की गाड़ियों के परिचालन की अनुमति दी गई है। एक अन्य संवेदनशील स्थल पर सुचारू आवागमन हेतु वैकल्पिक डायवर्जन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। वहीं, 8 पुलों के मेंटेनेंस हेतु टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इसके अलावा, जांच में 50 पुलों में सामान्य मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पाई गई है। इन सभी पर विभागीय अभियंताओं की देखरेख में तीव्र गति से कार्य संचालित किया जा रहा है। जिन पुलों में किसी भी प्रकार की मरम्मत की आवश्यकता पाई गई है, उन पर अविलंब युद्धस्तर पर कार्य शुरू किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि आईआईटी पटना के द्वारा राज्य के अत्यंत महत्वपूर्ण एवं लाइफलाइन माने जाने वाले 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले 47 पुलों की जांच की गई है। आईआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। सचिव ने पुलों की लगातार निगरानी के लिए व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की बात कही है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जिन प्रमंडलों में कार्य की गति धीमी पाई जाएगी या गुणवत्ता में कमी होगी, वहां के संबंधित अभियंताओं पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


