Sergio Gor: भारत-अमेरिका रिश्तों पर बोले सर्जियो गोर, ‘ट्रंप की प्राथमिकता में पीएम मोदी’
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों से कई अन्य देश असहज या ईर्ष्यालु हैं।

नई दिल्ली: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत और व्यापक बताते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और कूटनीति के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ रहा है। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों से कई अन्य देश असहज या ईर्ष्यालु हैं। गोर के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी अब केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
G20 में मोदी से मुलाकात को लेकर क्या बोले गोर?
सर्जियो गोर ने कहा कि आगामी G20 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिन वैश्विक नेताओं से मुलाकात करना चाहेंगे, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रमुख नेताओं में शामिल होंगे। गोर ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यक्तिगत तालमेल का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपना मित्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा जाए कि G20 में आने वाले कई नेताओं में से वह किन नेताओं से मिलना चाहेंगे, तो प्रधानमंत्री मोदी उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर होंगे। गोर ने यह भी संकेत दिया कि दिसंबर में G20 सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का फ्लोरिडा दौरा केवल बहुपक्षीय बैठक तक सीमित नहीं रह सकता। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किसी औपचारिक द्विपक्षीय बैठक की घोषणा अभी नहीं हुई है।
क्या भारत आ सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप?
अमेरिकी राजदूत ने बातचीत के दौरान यह संकेत भी दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष भारत की यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में किसी निश्चित तारीख या आधिकारिक कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी। अगर ट्रंप भारत का दौरा करते हैं, तो यह दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क को और गति दे सकता है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, तकनीक, व्यापार और रणनीतिक सहयोग पहले से ही द्विपक्षीय रिश्तों के प्रमुख स्तंभ हैं।
व्यापार समझौते पर फिर शुरू हुई बातचीत
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी सर्जियो गोर ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समझौते से संबंधित प्रक्रिया पर दोबारा काम किया जा रहा है। गोर के अनुसार, दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ महीनों में इस समझौते को पूरा किया जा सकता है। उनका कहना था कि समझौता दोनों देशों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होना चाहिए। व्यापार समझौते को लेकर भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही है। ऐसे में अमेरिकी राजदूत का यह बयान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
‘भारत भरोसेमंद रक्षा साझेदार’
सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का भरोसेमंद रक्षा साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों का सैन्य सहयोग केवल हथियारों और रक्षा उपकरणों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग का उल्लेख किया और कहा कि भारत-अमेरिका संबंध अब एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी का रूप ले चुके हैं। सैन्य अभ्यास, तकनीकी सहयोग और रक्षा क्षेत्र में बढ़ता समन्वय इस रिश्ते को और मजबूत कर रहा है।
पीएम मोदी की भी की तारीफ
अमेरिकी राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी ने भारत में स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इसी वजह से भारत अमेरिका के लिए एक आकर्षक साझेदार बनकर उभरा है। गोर के बयान ऐसे समय आए हैं जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और कूटनीतिक मुद्दों पर लगातार उच्चस्तरीय बातचीत जारी है। G20 के दौरान मोदी और ट्रंप की संभावित मुलाकात तथा व्यापार समझौते में आगे बढ़ती प्रक्रिया पर दोनों देशों की नजर रहेगी।


