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बंगाल चुनाव: फर्जी वोटिंग करने वालों को जेल भेजेगा चुनाव आयोग; दूसरे चरण से पहले कड़ी चेतावनी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण से पहले भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को चेतावनी दी कि फर्जी मतदान के किसी भी प्रयास पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे प्रयास करने वाले व्यक्तियों को जेल भी हो सकती है।

बंगाल चुनाव: फर्जी वोटिंग करने वालों को जेल भेजेगा चुनाव आयोग; दूसरे चरण से पहले कड़ी चेतावनी
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण से पहले भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को चेतावनी दी कि फर्जी मतदान के किसी भी प्रयास पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे प्रयास करने वाले व्यक्तियों को जेल भी हो सकती है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने बताया कि सभी पोलिंग बूथ पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनसे वेब-कास्टिंग का काम बेहतर तरीके से हो सकेगा। इन कैमरों का सीधा कनेक्शन कोलकाता स्थित सीईओ कार्यालय के केंद्रीय कंट्रोल रूम से होगा। साथ ही, जिला मजिस्ट्रेट-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों में बने जिला कंट्रोल रूम से भी इनका सीधा जुड़ाव रहेगा।

सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया, "कंट्रोल रूम से पोलिंग बूथ के अंदर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति फर्जी वोट डालने की कोशिश करता है, तो उसे आसानी से पहचाना जा सकेगा, उस पर नजर रखी जा सकेगी और उसे गिरफ्तार भी किया जा सकेगा।"

चुनाव आयोग ने यह साफ कर दिया है कि गलत वोट डालने की कोशिशें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 172 के तहत दंडनीय हैं, जिसमें दोषी को एक साल तक की कठोर कारावास की सजा हो सकती है।

सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, "भले ही ऐसी कोशिशें गलती से या लापरवाही से की गई हों, कानूनी मुश्किलों से बचा नहीं जा सकता। 'एक व्यक्ति, एक वोट' के सिद्धांत को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है। अगर चुनाव से जुड़ी कोई शिकायत या सुझाव है, तो आम आदमी सीधे आयोग से संपर्क कर सकता है, या तो टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके या ईमेल भेजकर।"

142 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव का दूसरा चरण पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के जवानों के अलावा, केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों की कड़ी सुरक्षा के बीच होगा।

कुल 142 सामान्य पर्यवेक्षक और 95 पुलिस पर्यवेक्षक होंगे। यह संख्या 23 अप्रैल को 152 विधानसभा सीटों के लिए हुए पहले चरण के मतदान के दौरान तैनात 84 पर्यवेक्षकों से ज्यादा है।

चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।



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