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बांकीपुर उपचुनाव: आज शाम थम जाएगा चुनाव प्रचार! BJP की साख दांव पर, विपक्ष की सेंधमारी की कोशिश

बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम थम जाएगा। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों का जोर अब घर-घर संपर्क और बूथ प्रबंधन पर रहेगा। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले सोमवार को राजधानी पटना की सड़कों पर चुनावी सरगर्मी चरम पर रही।

बांकीपुर उपचुनाव: आज शाम थम जाएगा चुनाव प्रचार! BJP की साख दांव पर, विपक्ष की सेंधमारी की कोशिश
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पटना। बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम थम जाएगा। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों का जोर अब घर-घर संपर्क और बूथ प्रबंधन पर रहेगा। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले सोमवार को राजधानी पटना की सड़कों पर चुनावी सरगर्मी चरम पर रही।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए भव्य रोड शो निकाले, जबकि जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न इलाकों में जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान की अपील की। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा।

जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। मतदान को लेकर मतदाताओं और प्रत्याशियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। चुनाव परिणाम तीन अगस्त को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। इस बार बांकीपुर का चुनाव त्रिकोणीय और बेहद हाई-प्रोफाइल मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है। मुख्य लड़ाई भाजपा, राजद और जन सुराज के बीच मानी जा रही है।

भाजपा ने इस प्रतिष्ठित सीट पर नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद ने रेखा गुप्ता को एक बार फिर मैदान में उतारा है। वहीं, चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उपचुनाव में केवल एक विधानसभा सीट का फैसला नहीं होना है, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा और दलों की संगठनात्मक क्षमता की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। यही वजह है कि सभी प्रमुख दलों ने प्रचार अभियान में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री और भाजपा और एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में लगातार चुनाव प्रचार किया।

दूसरी ओर, राजद नेता तेजस्वी यादव भी पिछले दो दिनों से चुनावी माहौल राजद के पक्ष में बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर ने भी लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क कर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। पूर्व मंत्री नितिन नवीन यहां से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट रिक्त हुई, जिसके कारण उपचुनाव कराया जा रहा है।

भाजपा इस सीट को अपने कब्जे में बरकरार रखना चाहती है, जबकि राजद इसे सत्ता पक्ष के खिलाफ जनमत के रूप में पेश करने की कोशिश में है। वहीं, प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने मुकाबले को पारंपरिक द्विध्रुवीय राजनीति से अलग एक नया आयाम दे दिया है। प्रशांत कुमार जनसुराज को एक विकल्प के तौर पर पेश किया है, जो सत्ता पक्ष के लिए चुनौती है। चुनाव प्रचार समाप्त होने के साथ अब सभी दलों की नजर बूथ स्तर की रणनीति और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने पर रहेगी।

राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर उत्सुकता बनी हुई है कि बांकीपुर की जनता इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में किस उम्मीदवार के पक्ष में अपना फैसला सुनाती है। चुनाव परिणाम तीन अगस्त को सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भाजपा अपना गढ़ बचाने में सफल रहती है या विपक्ष अथवा जन सुराज कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर करने में कामयाब होता है।



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