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शंकराचार्य के अपमान पर बोले अखिलेश यादव- सत्ता का अहंकार चूर-चूर करेगा सनातन समाज

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में सनातन समाज की आस्था और सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। उन्होंने शंकराचार्य के कथित अपमान का जिक्र करते हुए कहा कि इस व्यवहार की सजा भारतीय जनता पार्टी को मिलेगी और सनातन समाज अपने सम्मान की रक्षा के लिए सत्ता के मद को चूर-चूर कर देगा।

शंकराचार्य के अपमान पर बोले अखिलेश यादव- सत्ता का अहंकार चूर-चूर करेगा सनातन समाज
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में सनातन समाज की आस्था और सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। उन्होंने शंकराचार्य के कथित अपमान का जिक्र करते हुए कहा कि इस व्यवहार की सजा भारतीय जनता पार्टी को मिलेगी और सनातन समाज अपने सम्मान की रक्षा के लिए सत्ता के मद को चूर-चूर कर देगा।

अखिलेश यादव ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि मंच से लाखों-करोड़ों सनातनियों की आस्था के प्रतीक और अत्यंत पूजनीय व्यक्ति के लिए एक बेहद आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, इससे यह सामने आया है कि सत्ता के अहंकार ने किस तरह बुद्धि को भ्रष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि सनातन समाज आज से पहले इतना अधिक अपमानित कभी नहीं हुआ। समाज का हर धर्मप्रधान और विचारशील व्यक्ति अपमान के इस घूंट को मजबूर होकर पीने और सरेआम बेइज्जत किए जाने से दुखी है।

उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोग भी अब लज्जित हैं, जिन्होंने भाजपा का समर्थन करने के लिए अब तक कोई कुतर्क नहीं छोड़ा था। सपा अध्यक्ष ने कहा कि यह टिप्पणी संपूर्ण समाज के मान-सम्मान, गरिमा और प्रतिष्ठा को सीधी चुनौती है। अब यही समाज अपने सम्मान की रक्षा के लिए सत्ताधीश के ‘पद के मद’ को चूर-चूर कर देगा। उन्होंने कहा कि इस शाब्दिक प्रहार के बाद सत्ता के साथ खड़े उसके संगी-साथी भी किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं।

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के सत्ताधीश जान रहे हैं कि वे हारने वाले हैं, इसलिए जाते-जाते वे किसी और की संभावना को भी हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी कहावत है कि जो खुद नहीं खा पाता, वह फैलाकर जाता है।

उन्होंने सत्ता के कथित वर्चस्ववाद पर भी निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि एक नितांत एकाकी और घोर वर्चस्ववादी का घमंड अपने सिवा किसी को कुछ नहीं मानता, लेकिन कुछ नकारात्मक लोग उससे भी ज्यादा गए-गुजरे होते हैं और वे आइने में दिख रहे प्रतिबिंब के भी सगे नहीं होते।

सपा प्रमुख ने कहा, “दंभ के दिन लद गए।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में पूजनीय शंकराचार्य जी का लगातार अपमान हो रहा है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ है, उसकी सजा भारतीय जनता पार्टी को मिलेगी।


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