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'आप' छोड़ 40 कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा में शामिल हुईं एडवोकेट शीतल उपाध्याय, कहा- 'घर वापसी हुई'

आम आदमी पार्टी (आप) को वडोदरा में बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राज्य प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता एडवोकेट शीतल उपाध्याय सहित 40 से अधिक कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गई हैं।

आप छोड़ 40 कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा में शामिल हुईं एडवोकेट शीतल उपाध्याय, कहा- घर वापसी हुई
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वडोदरा। आम आदमी पार्टी (आप) को वडोदरा में बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राज्य प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता एडवोकेट शीतल उपाध्याय सहित 40 से अधिक कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गई हैं।

यह घटना गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2026 से ठीक पहले हुई है, जिससे 'आप' के संगठन पर काफी असर पड़ा है। शीतल उपाध्याय ने कहा कि वे भाजपा में लौटकर खुश हैं और उन्हें लग रहा है जैसे वे अपने घर वापस आई हों।

शीतल उपाध्याय ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मैं भाजपा से आप में गई थी और अब वापस अपने घर आई हूं। मेरे लिए यही महत्वपूर्ण था कि कोई बच्चा बाहर जाता है और फिर खुशी के साथ वापस आता है। मैं इसी खुशी के साथ वापस आई हूं। मेरे साथ कई कार्यकर्ता जुड़े हुए थे। जब मैं 'आप' में गई थी तो वे मेरे साथ रहे और अब जब मैं भाजपा में आई हूं तो वे भी मेरे साथ आए हैं।"

उन्होंने 'आप' की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा, "आप की पहले से कोई विचारधारा नहीं थी, आज भी नहीं है और आगे भी नहीं होगी। सभी जानते हैं कि यह पार्टी आंदोलन से उभरी थी। आंदोलन से उभरी किसी भी चीज की कोई स्थायी विचारधारा नहीं होती। 'आप' के पास अभी कोई मुद्दा ही नहीं है। मैं अब भाजपा के साथ आगे बढ़ना चाहती हूं।"

वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम में इन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का भाजपा में स्वागत किया गया। शहर भाजपा अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश सोनी और अन्य स्थानीय नेताओं ने उन्हें पार्टी में शामिल किया। शीतल उपाध्याय ब्राह्मण समुदाय की नेता मानी जाती हैं और वडोदरा में 'आप' का संगठन खड़ा करने में उनकी अहम भूमिका रही थी।

यह सामूहिक शामिली स्थानीय राजनीति में भाजपा के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, जबकि 'आप' के लिए यह संगठनात्मक नुकसान है। आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए यह घटना काफी महत्वपूर्ण है।

शीतल उपाध्याय ने 'आप' पर आरोप लगाया कि पार्टी स्पष्ट दिशा के बिना काम कर रही है और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में संगठन की कार्यप्रणाली से उन्हें असंतोष है।



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